Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mumbai Bakrid Controversy: हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी पर विवाद; BMC ने घाटकोपर की सागर पार्क सो... Bengaluru News: मकान मालिक ने तोड़ा भरोसा; दिव्यांग महिला से की लाखों की चोरी, पुलिस ने दंपति को दबोच... Asaram Bapu Case: राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार, सरेंडर के आदेश Bhopal News: चार इमली में सीनियर IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने की आत्महत्या; पूरे महकमे में मचा हड़... Twisha Sharma Death Case: मॉडल ट्विशा शर्मा केस में CBI जांच तेज; सास की अग्रिम जमानत पर आज होगा फैस... Nashik Dam Tragedy: कश्यपी बांध में पिकनिक मनाने गए परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; 4 लोगों की डूबने ... Love Marriage Gone Wrong: लव मैरिज के 3 महीने बाद गर्भवती पत्नी की चौथी मंजिल से गिरकर मौत; ससुराल व... Weather Update: दिल्ली में हीटवेव के बीच बारिश का अलर्ट; तापमान में 7 डिग्री तक आएगी गिरावट उस्त-लूगा बंदरगाह पर खड़े टैंकर पर मिलीं चुंबकीय सुरंगें कंबोडिया में अनिवार्य सेना सेवा कानून लागू

जेनेटिक इंजीनियरिंग की मदद से चिकित्सा उपचार संभव

बैक्टीरिया को कैंसर कोशिकाओं के शिकारी में बदला

  • ट्यूमर पर कब्ज़ा और लक्षित दवा वितरण

  • चूहों पर किया गया परीक्षण सफल हुआ है

  • दोहरी कार्रवाई वाली कैंसर थेरेपी रणनीति

राष्ट्रीय खबर

रांचीः दुनिया भर में करोड़ों लोगों के लिए काल बने कैंसर के उपचार में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। चीन के शेडोंग विश्वविद्यालय (किंगदाओ) के शोधकर्ता तियानयु जियांग और उनकी टीम ने जेनेटिक इंजीनियरिंग के जरिए एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो भविष्य में कैंसर थेरेपी की दिशा बदल सकती है।

इस शोध में एशिचेरिचिया कोली निस्ले 1917 (ईसीएन) नामक प्रोबायोटिक बैक्टीरिया का उपयोग किया गया है। वैज्ञानिकों ने इसे इस तरह ‘री-प्रोग्राम’ किया है कि यह सीधे ट्यूमर कोशिकाओं को निशाना बनाता है। शोध की मुख्य बातें हैं कि चूहों पर किए गए इस तकनीक के परीक्षण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इंजीनियर बैक्टीरिया एफडीए द्वारा अनुमोदित कैंसर रोधी दवा रोमिडेप्सिन (एफके) को सीधे ट्यूमर के भीतर रिलीज करने में सक्षम हैं।

देखें इससे संबंधित वीडियो

यह तकनीक न केवल ट्यूमर पर कब्जा करती है, बल्कि दवा को सीधे प्रभावित क्षेत्र तक पहुँचाती है, जिससे स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान कम होता है। प्रयोगशाला और जीवित जानवरों (माउस मॉडल) पर बैक्टीरिया ने ट्यूमर के भीतर जमा होकर दवा रिलीज करने की अपनी क्षमता को सफलतापूर्वक साबित किया है। हालांकि यह प्रोबायोटिक स्ट्रेन कैंसर उपचार के लिए बड़ी उम्मीद जगाता है, लेकिन अभी इसके मानवीय परीक्षण बाकी हैं। भविष्य के अध्ययनों में इसके संभावित दुष्प्रभावों और उपचार के बाद शरीर से बैक्टीरिया को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की रणनीतियों पर काम किया जाएगा।

लेखकों के अनुसार, यह बैक्टीरिया-सहायता प्राप्त थेरेपी छोटे अणुओं वाले कैंसर रोधी एजेंटों के वितरण के लिए एक क्रांतिकारी मार्ग प्रशस्त करती है। ट्यूमर नियंत्रण और रोमिडेप्सिन की सक्रियता मिलकर एक शक्तिशाली डबल-एक्शन थेरेपी बनाती है।

#CancerResearch #MedicalScience #Probiotics #Biotechnology #FutureMedicine #कैंसरशोध #चिकित्साविज्ञान #प्रोबायोटिक्स #बायोटेक्नोलॉजी #स्वास्थ्यतकनीक