भारतीय मित्रता की छूट से नागरिकों को मिलेगी राहत
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यह भी एलपीजी लेकर ही आया है
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इस पर मिसाइल से हमला हुआ था
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से आये
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः मिसाइल हमले के खतरे और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का वाहक जहाज जग लाड़की बुधवार सुबह सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुँच गया। पिछले तीन दिनों में संकटग्रस्त क्षेत्र से भारत पहुँचने वाला यह तीसरा प्रमुख ईंधन वाहक जहाज है। इससे पहले 16 मार्च को एलपीजी वाहक शिवालिक और 17 मार्च को नंदा देवी ने सफलतापूर्वक भारतीय तटों पर डॉकिंग की थी।
जग लाड़की की यह यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण और साहसिक रही। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट से 80,886 मीट्रिक टन मर्बन क्रूड ऑयल लेकर आ रहा था। 14 मार्च को जब इस जहाज पर तेल की लोडिंग की जा रही थी, उसी दौरान फुजैराह ऑयल टर्मिनल पर कथित तौर पर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ।
इस हमले से टर्मिनल पर हड़कंप मच गया, लेकिन गनीमत रही कि जग लाड़की और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित रहे। इस खतरे को देखते हुए जहाज को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया और इसने अपनी आगे की यात्रा जारी रखी।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बात यह है कि जहां पिछले दो जहाजों (शिवालिक और नंदा देवी) को खाना पकाने की गैस लाने के लिए अत्यधिक जोखिम वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरना पड़ा था, वहीं जग लाड़की ने इस संकीर्ण और खतरनाक मार्ग से बचते हुए ओमान की खाड़ी में स्थित फुजैराह टर्मिनल से लोडिंग की। हालांकि, सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव के चलते यह जहाज अपने निर्धारित समय से एक दिन की देरी से मुंद्रा पहुँचा।
मुंद्रा बंदरगाह के अधिकारियों के अनुसार, इस जहाज पर लाया गया कच्चा तेल पंजाब के बठिंडा स्थित एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड रिफाइनरी के लिए भेजा जाना है। जग लाड़की जैसे विशाल टैंकर की लंबाई 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर है। अडाणी पोर्ट्स ने एक बयान में कहा कि इस संकटपूर्ण समय में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय नौसेना ने भी ऑपरेशन संकल्प के तहत इस क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रबंध किए हुए हैं।