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अमेरिका और चीन के बीच तीखी नोकझोंक

वियना में वैश्विक ड्रग्स सम्मेलन में फेंटेनल और टैरिफ का मुद्दा

वियना: वियना में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक नारकोटिक ड्रग्स आयोग की बैठक में सोमवार को अमेरिका और चीन के बीच तीखे कूटनीतिक प्रहार देखने को मिले। वाशिंगटन ने बीजिंग पर फेंटेनल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर रसायनों की बिक्री रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया, जिसे चीन ने झूठा करार देते हुए अमेरिका को ही गैर-जिम्मेदार बता दिया। यह कड़वाहट ऐसे समय में सामने आई है जब इस महीने के अंत में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की चीन में मुलाकात होने वाली है।

व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी की निदेशक सारा कार्टर ने अमेरिकी वक्तव्य देते हुए सीधे तौर पर कहा, हमें पता है कि फेंटेनल के लिए रासायनिक घटक कहाँ से आ रहे हैं। चीन में इनका लाखों टन उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चीन के कमजोर निर्यात नियंत्रण और लचर प्रवर्तन की वजह से वहां का रसायन उद्योग ड्रग कार्टेल के साथ दोस्ती बढ़ा रहा है। कार्टर ने यह भी जोड़ा कि जहाँ चीन रसायनों पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा, वहीं दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर उसके अत्यधिक कड़े नियंत्रण कानूनी उद्योगों के लिए तबाही मचा रहे हैं।

पुराने समझौतों पर संकट के बादल पिछले साल दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुए एक समझौते के तहत, अमेरिका चीन पर टैरिफ कम करने के लिए सहमत हुआ था। इसके बदले में बीजिंग को अवैध फेंटेनल व्यापार पर नकेल कसने, अमेरिकी सोयाबीन की खरीद फिर से शुरू करने और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का निर्यात सुचारू रखने का वादा करना था।

हालाँकि, पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक आपातकालीन कानून के तहत चीन पर लगाए गए 10 फीसद फेंटेनल-संबंधित टैरिफ को अमान्य कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने बीजिंग को स्पष्ट कर दिया है कि वे एक अलग कानून के तहत इस लेवी को फिर से लागू करने की योजना बना रहे हैं।

चीन के दूत गाओ वेई ने अमेरिकी आरोपों का जवाब देते हुए इसे एकतरफा दादागिरी और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया। उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि एक निश्चित देश ड्रग समस्या का इस्तेमाल बहाने के तौर पर कर रहा है, जिससे वैश्विक ड्रग नियंत्रण सहयोग को भारी नुकसान पहुँच रहा है। चीनी बयान में यह भी कहा गया कि देशों को प्रतिबंधों या टैरिफ का दुरुपयोग कर अपनी कमियों का दोष दूसरों पर मढ़ने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर ध्यान देना चाहिए। यह विवाद दर्शाता है कि व्यापार और मादक पदार्थों की तस्करी के मुद्दे अब एक-दूसरे से जटिल रूप से जुड़ चुके हैं।