मिलिए दंतेवाड़ा की ‘फिनायल वाली दीदी’ से! कभी पाई-पाई को थीं मोहताज, ‘बिहान’ ने बदली ऐसी किस्मत कि अब खुद दे रहीं दर्जनों को रोजगार
दंतेवाड़ा:अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम विष्णु देव साय लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए. संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने, सीएम के साथ भोजन किया और अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए. लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में पूरे छत्तीसगढ़ से चुनिंदा स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को बुलाया गया था. दंतेवाड़ा की बीमबती नाग को भी इस आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण मिला. बीमबती नाग ने सीएम से मुलाकात कर बताया कि कैसे उसके जीवन में बिहान योजना से बदलाव आया.
फिनायल वाली दीदी के नाम से मशहूर बीमबती दीदी
जिला प्रशासन दंतेवाड़ा और बिहान योजना के मार्गदर्शन में बीमबती नाग आज अलग-अलग आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं. बीमबती ने केवल दंतेवाड़ा जिले में बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में “फिनायल वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं. जिला मिशन प्रबंधन इकाई के सहयोग से उन्होंने फिनायल बनाने और बेचने का काम शुरू किया है. बीमबती अपनी मेहनत व लगन से इसे सफल व्यवसाय में बदल चुकी हैं.
बिहान ने बदली इनकी दुनिया
बीमबती नाग के बनाए फिनायल की बिक्री जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में की जाती है. बीमबती अब तक 10 लाख रुपये मूल्य की फिनायल बेच चुकी हैं, जिससे उन्हें 4 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है. इस आय से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि स्व-सहायता समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी रोजगार और प्रेरणा मिली है.
महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
फिनायल निर्माण के साथ-साथ बीमबती नाग सिलाई के काम और कैडर के रूप में प्रशिक्षण गतिविधियों में सहभागिता और वाहन संचालन जैसे कामों को भी कर रही हैं. उनकी मेहनत और सफलता यह बताती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं. बीमबती नाग दीदी की यह उपलब्धि जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
जानिए क्या है ”लखपति दीदी योजना”
”लखपति दीदी योजना” ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर संचालित एक सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं की सालाना पारिवारिक आय को बढ़ाकर प्रति वर्ष ₹1 लाख से अधिक करना है. इस योजना के तहत महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता मदद और अपना कारोबार शुरू करने के लिए कम ब्याज पर ऋण दिया जाता है, जिससे वो आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकें.
जानिए क्या है ”बिहान योजना”
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से संगठित कर, उन्हें स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाकर गरीबी कम करने की एक बड़ी पहल है. इस पहल का उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन सकें.