दो तरफा सैन्य हमले से त्रस्त ईरान में राजकाज जारी
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मोजतबा खामेनेई: एक प्रमुख दावेदार
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पहले इसकी काफी आलोचना हुई थी
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इस्लामी शासन के नियमों के खिलाफ
तेहरानः गत 28 फरवरी को एक संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, देश की शक्तिशाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने नए उत्तराधिकारी के चयन पर लगभग आम सहमति बना ली है। असेंबली के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद मेहदी मीरबागेरी के हवाले से समाचार एजेंसी ने बताया कि हालांकि निर्णय लिया जा चुका है, लेकिन अंतिम घोषणा की प्रक्रिया में कुछ रणनीतिक बाधाएं बनी हुई हैं। ईरानी अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इजरायली खतरों के बीच व्यक्तिगत रूप से बैठक कर इस निर्णय को मंजूरी दी जाए या सुरक्षा कारणों से सीधे इसकी घोषणा कर दी जाए।
उत्तराधिकार की इस दौड़ में अयातुल्ला खामेनेई के पुत्र, मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। मोजतबा लंबे समय से पर्दे के पीछे से सत्ता के समीकरणों को प्रभावित करते रहे हैं, हालांकि उन्होंने कभी कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं संभाला। शनिवार को हुए उस हमले के बाद से मोजतबा को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है, जिसमें उनके 86 वर्षीय पिता और उनकी पत्नी ज़हरा हद्दाद अदेल की मृत्यु हो गई थी। मोजतबा के नाम पर अतीत में यह कहकर आलोचना होती रही है कि यह ईरान की इस्लामी क्रांति के सिद्धांतों के विपरीत एक वंशानुगत राजशाही जैसा कदम होगा। लेकिन अब, उनके पिता और पत्नी की मृत्यु के बाद कट्टरपंथियों के बीच उनकी साख एक शहीद के परिवार के रूप में बढ़ी है, जो 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के पादरियों को प्रभावित कर सकती है।
ईरान का अगला जो भी सर्वोच्च नेता बनेगा, उसके पास न केवल युद्ध की स्थिति में ईरानी सेना का नियंत्रण होगा, बल्कि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार का प्रभार भी होगा। यह भंडार इतना सक्षम है कि यदि नया नेता चाहे, तो वह परमाणु हथियार बनाने का आदेश दे सकता है। मोजतबा की भूमिका की तुलना अक्सर ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रूहोल्लाह खुमैनी के पुत्र अहमद खुमैनी से की जाती है, जो विश्वासपात्र, द्वारपाल और सत्ता के दलाल का एक अनूठा संयोजन थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस चयन प्रक्रिया में अपनी टिप्पणी से नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक हालिया साक्षात्कार में ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को लाइटवेट (हल्का नेता) बताते हुए उनकी उम्मीदवारी की आलोचना की और कहा कि वे ईरान के अगले नेता के चयन में शामिल होना चाहते हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्हें खामेनेई का बेटा स्वीकार्य नहीं है और वे चाहते हैं कि कोई ऐसा व्यक्ति सत्ता संभाले जो ईरान में शांति और सद्भाव ला सके। ट्रंप के इस बयान ने ईरान के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की बहस को और हवा दे दी है।