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भारतीय संप्रभुता क्या गिरवी रख दिया गया

अमेरिकी से अनुमति देने के सवाल पर कांग्रेस का तीखा सवाल

  • देश का फैसला ट्रंप कैसे ले रहा है

  • भारत क्या अपना फैसला नहीं ले सकता

  • हर विषय पर सरकार की चुप्पी क्यों है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्यों ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए, रूसी तेल पर अमेरिका द्वारा दी गई अस्थायी प्रतिबंध छूट को भारत की राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला और अमेरिकी ब्लैकमेल करार दिया। यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट की उस घोषणा के बाद आई है, जिसमें भारतीय रिफाइनर को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की मोहल्लत दी गई है। 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से ऊर्जा की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। भारत के 40 प्रतिशत तेल आयात का मार्ग यही है, जिसे स्थिर करने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटनाक्रम की निंदा करते हुए सुझाव दिया कि बाइडन युग की कूटनीति अब जबरदस्ती वाली रणनीति में बदल गई है। रमेश ने लिखा, ट्रंप का नया खेल, दिल्ली वाले दोस्त से कहा- पुतिन से तेल ले सकते हो, यह कब तक चलेगा? यह अमेरिकी ब्लैकमेल है।

सांसद मनीष तिवारी ने अमेरिकी आदेश की भाषा और उस पर भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे नव-साम्राज्यवादी अहंकार बताया। तिवारी ने पोस्ट किया, 30 दिनों की छूट जारी करना—इस दंभ भरी भाषा से नव-साम्राज्यवादी अहंकार टपक रहा है। क्या हम कोई बनाना रिपब्लिक (अस्थिर छोटा देश) हैं कि हमें अपनी ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों के लिए अमेरिका की अनुमति चाहिए?

हर बात पर बोलने वाली सरकार की यह चुप्पी डराने वाली है। क्या वे संप्रभुता का अर्थ नहीं समझते? एक अन्य प्रमुख कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत की स्वतंत्रता के साथ समझौता होने दिया है। उन्होंने हाल के अमेरिकी हस्तक्षेपों का हवाला दिया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम की घोषणा और ईरानी व रूसी व्यापार से संबंधित निर्देश शामिल हैं। सुरजेवाला ने सवाल किया, क्या अब अमेरिका मोदी सरकार को 30 दिनों की अवधि के लिए रूसी तेल खरीदने की अनुमति देगा? क्या दिल्ली में कोई सरकार है भी?