Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Fingernail Lunula Meaning: नाखूनों पर बने सफेद अर्धचंद्र से जानें अपना भविष्य और भाग्य प्रेगनेंसी में जरूरी पोषण: स्वस्थ मां और बेबी के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 सुपरफूड्स केन्या का विलवणीकरण प्लांट का वन्यजीवन में सहयोग ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा: CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, MCD अधिकारियों को मिली बड़ी राहत Lucknow-Kanpur Expressway: आम जनता के लिए खुला 6-लेन एक्सप्रेस-वे, 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी गाड़... Ghazipur Crime News: जेवर और पैसों के विवाद में दादी बनी कातिल, मासूम पोते की गला दबाकर हत्या महाकाल मंदिर: सावन और भादौ मास में बदली आरती दर्शन की व्यवस्था, अब और अधिक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन सिंहस्थ 2028 की तैयारी: रेलवे पटरी पर हादसों को रोकने के लिए बिछाया जा रहा सुरक्षा घेरा मंदसौर हाईवे हादसा: टैंकर पलटने से फसलें जलकर राख, मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन Indore-Ratlam Fourlane Accident: बिलपांक टोल के पास कार डिवाइडर से टकराई, बाल चिकित्सक समेत दो की जा...

चीन का विशाल रक्षा बजट ए आई और 6 जी युद्ध की तैयारी

रक्षा बजट में सात फीसद की बढ़ोत्तरी

बीजिंगः यहां आयोजित चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के वार्षिक सत्र ने वैश्विक रक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वर्ष 2026 के लिए चीन के रक्षा बजट में 7 प्रतिशत की भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। यह घोषणा एक ऐसे नाजुक समय में की गई है, जब ताइवान जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर में सैन्य गतिविधियां अपने चरम पर हैं और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन डगमगा रहा है।

चीन का यह बढ़ा हुआ बजट केवल पारंपरिक हथियारों या सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए नहीं है। सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, पीपल्स लिबरेशन आर्मी अब अल्गोरिद्मिक युद्ध की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसका अर्थ है कि भविष्य के युद्ध अब केवल शक्ति से नहीं, बल्कि डेटा, कोडिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तालमेल से जीते जाएंगे।

इस बजट का एक बड़ा हिस्सा एआई से संचालित हजारों छोटे ड्रोनों का एक समूह, जो दुश्मन के रडार को भ्रमित कर एक साथ हमला करने में सक्षम है। बिना मानव चालक दल के समुद्र में गश्त करने और हमले करने वाले जहाज। युद्ध के मैदान में बिजली की गति से डेटा साझा करने के लिए अगली पीढ़ी का नेटवर्क, जो जैमिंग के प्रति अधिक प्रतिरोधी होगा।

शी जिनपिंग का लक्ष्य 2027 तक अपनी सेना को पूरी तरह से आधुनिक बनाना है। चीन की रणनीति अब केवल धरती और समुद्र तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट का एक गुप्त हिस्सा स्पेस वारफेयर के लिए रखा गया है। चीन अपनी ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहा है जिससे युद्ध की स्थिति में वह दुश्मन के उपग्रह संचार को बाधित या नष्ट कर सके।

यदि ऐसा होता है, तो आधुनिक सेनाओं का जीपीएस और संचार तंत्र पूरी तरह पंगु हो जाएगा। चीन के इस आक्रामक सैन्य विस्तार ने वैश्विक स्तर पर, विशेषकर वाशिंगटन और नई दिल्ली में सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है। भारत के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बीच चीन की तकनीकी बढ़त भारत के लिए रणनीतिक दबाव पैदा कर सकती है।

विशेषज्ञों को डर है कि चीन की इस घोषणा के जवाब में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत भी अपने रक्षा खर्च में वृद्धि करेंगे, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक नई और खतरनाक आर्म्स रेस शुरू हो सकती है। बीजिंग का यह कदम स्पष्ट संकेत है कि वह अब एक क्षेत्रीय शक्ति से ऊपर उठकर एक ऐसी वैश्विक महाशक्ति बनना चाहता है जिसकी सैन्य तकनीक का मुकाबला करना किसी भी देश के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।