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हवाई हमलों में ईरान में बारह सौ से अधिक लोग मारे गये

अमेरिका-ईरान युद्ध: छठे दिन संघर्ष में भीषण तेजी

दुबईः पश्चिम एशिया से आ रही ताजा खबरों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। दुबई और तेहरान के बीच बढ़ता यह तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का रास्ता बेहद धुंधला नजर आता है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के रणनीतिक, सैन्य और परमाणु ठिकानों पर की जा रही बमबारी आज छठे दिन भी जारी रही। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई हमलों की यह तीव्रता पिछले कई दशकों में अभूतपूर्व है।

युद्ध के इस विस्तार में आज एक बड़ा मोड़ तब आया जब कुवैत में तैनात अमेरिकी सैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाया गया। ताजा सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अत्याधुनिक कामिकेज़ (आत्मघाती) ड्रोनों के जरिए अमेरिकी सैन्य शिविरों पर घातक प्रहार किया है। इस हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। वाशिंगटन स्थित पेंटागन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक गंभीर उकसावा और तय की गई लाल रेखा का सीधा उल्लंघन करार दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वे इस क्षति का बदला लेने के लिए बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

ईरान के प्रमुख शहरों, विशेषकर राजधानी तेहरान और इस्फहान की स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है। पिछले छह दिनों से जारी हवाई हमलों के कारण बुनियादी ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों में 1,200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों और अस्पतालों में घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस संकट को वैश्विक स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इजरायल और अमेरिका ने अपने हमले तुरंत नहीं रोके, तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देंगे। ज्ञात हो कि दुनिया का एक-तिहाई समुद्री तेल परिवहन इसी संकरे रास्ते से होता है। इस धमकी का असर वैश्विक बाजारों पर तत्काल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गई हैं। न्यूयॉर्क से लेकर टोक्यो तक के शेयर बाजार धराशायी हो गए हैं, जिससे निवेशकों के खरबों डॉलर डूब गए हैं।