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काकीनाडा के पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से तबाही

हादसे में 18 श्रमिकों की मौत, राहत कार्य जारी

  • कंक्रीट की छत भी पूरी तरह उड़ गयी

  • लोगों की लाशें दूर जाकर खेतों में गिरी

  • घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में शनिवार की दोपहर एक भयावह मंजर देखने को मिला, जब जिले के सामलकोट मंडल के अंतर्गत आने वाले वेटलापालेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई भीषण विस्फोट से दहल उठी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 18 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह घटना सूर्या श्री फायरवर्क्स नामक इकाई में हुई, जो क्षेत्र की बड़ी पटाखा फैक्ट्रियों में से एक मानी जाती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच अचानक एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की पूरी कंक्रीट की छत और दीवारें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। विस्फोट के दबाव के कारण कई श्रमिकों के शव हवा में उछलकर पास के खेतों में जा गिरे, जिससे इलाके में चीख-पुकार मच गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतकों में अधिकांश महिलाएं थीं, जो दीपावली और आगामी आयोजनों के लिए पटाखा पैकिंग और बारूद भरने के काम में लगी हुई थीं।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया, जिसके कुछ ही समय बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ और पुलिस बल मौके पर पहुँचे। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेन की सहायता ली गई। इस दुर्घटना में 18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तत्काल काकीनाडा के सरकारी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार तीन की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, जो उस समय विजयनगरम जिले के आधिकारिक दौरे पर थे, ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने काकीनाडा के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की और निर्देश दिया कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश पर राज्य की गृह मंत्री वंगलपुडी अनिता तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं ताकि वे राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर सकें।

सरकार ने घोषणा की है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था और क्या वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। अधिकारियों ने मृतक परिवारों को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया है कि सरकार उन्हें हर संभव वित्तीय और सामाजिक सहायता प्रदान करेगी।