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बड़ी खबर: AI समिट के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन! 5 आरोपियों की रिमांड पर फैसला जल्द

AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के मामले में 5 आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट के CJM मृदुल गुप्ता की कोर्ट में पेश किया गया. दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने बताया कि अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ हिमाचल में छिपे हुए थे. इनको हिमाचल से बीते दिन गिरफ्तार किया गया था. सिद्धार्थ ने टी-शर्ट पर लिखा कंटेंट डिजाइन किया था. सौरव ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था. अरबाज समिट में अंदर गया था और प्रदर्शन के दौरान अंदर मौजूद थे. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की 5 दिनों की रिमांड की मांग की है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनकर फैसला सुरक्षित रखा है.

दिल्ली पुलिस के अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि एक लाख से ज्यादा अनप्रिंटेड टी शर्ट थीं. ये पता लगाना है कि प्रोटेस्ट का प्लान कहां बना. पुलिस को इनकी रिमांड चाहिए. तीन नए लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इनको अन्य आरोपियों से कंफर्ट कराना है. इसलिए रिमांड चाहिए. आरोपियों के वकील ने कहा कि पुलिस अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनका अपराध क्या है. ये प्रदर्शन कर रहे थे. फुटेज सोशल मीडिया पर मौजूद हैं.

कानून के सिद्धांतों का मजाक उड़ाया जा रहा

उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट एफआईआर देखें तो जेएनयू की तरह टुकड़े-टुकड़े वाली एफआईआर यहां लागू की जा रही है. किसी भी चीज के लिए आवाज उठाओ तो ऐसा व्यवहार किया जाता है. कानून के सिद्धांतों का मजाक उड़ाया जा रहा है. जो भी प्रदर्शन हुआ, वो सबके सामने है. इन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है? 11 लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

आरोपियों के वकील ने कहा, पुलिस किसी को यूं ही गिरफ्तार नहीं कर सकती. जस्टिफाई करना होगा. ये हत्या या बलात्कार की धाराओं के मामले के आरोपी नहीं हैं. आरोपी के वकील रुपेश भदौरिया ने कहा कि गिरफ्तारी का अधिकार होना और गिरफ्तारी ही पुख्ता वजह होना दोनों अलग-अलग चीज है.

पुलिस ऐसे नहीं गिरफ्तार कर सकती

उन्होंने कहा, पुलिस किसी को रुटीन तरीके से यूं ही गिरफ्तार नहीं कर सकती. उन्हें जस्टिफाई करना होगा कि गिरफ्तारी जरूरी है, सही है. ये कोई मर्डर का मामला नहीं है. ये विरोध प्रदर्शन का मामला है क्योंकि ये मुख्य विपक्षी कांग्रेस के यूथ विंग से जुड़े हैं. इसलिए इनको राजनीतिक निशाना बनाया जा रहा है.