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अपराधी गिरोह के हमले में पुलिस के जवान मारे गये

मेक्सिको के सबसे खूंखार ड्रग माफिया के मारे जाने पर हिंसा

मैक्सिको सिटी: दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग कार्टेल में से एक, ‘जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल’ (CJNG) के सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा उर्फ ‘एल मेनचो’ की गिरफ्तारी और उसके बाद हुई मौत ने पूरे मैक्सिको को हिंसा की आग में झोंक दिया है। मैक्सिको के सुरक्षा गलियारों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक इस घटना ने हलचल पैदा कर दी है।

मैक्सिको के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एल मेनचो देश का सबसे वांछित अपराधी था। उसकी दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर (लगभग 125 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित कर रखा था।

बीते रविवार को जलिस्को राज्य के तापल्पा कस्बे में मैक्सिको के विशेष बलों ने एक बेहद गोपनीय और सटीक सैन्य अभियान चलाया। रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला ने खुलासा किया कि एल मेनचो के गुप्त ठिकाने की पुख्ता जानकारी उसकी एक महिला साथी से मिली थी। मुठभेड़ के दौरान एल मेनचो गंभीर रूप से घायल हो गया और हिरासत में लेने के कुछ ही समय बाद उसकी मृत्यु हो गई।

अपने आका की मौत की खबर फैलते ही कार्टेल के गुर्गों ने मैक्सिको के कई राज्यों में सुनियोजित और कायरतापूर्ण हमले शुरू कर दिए। सुरक्षा मंत्री उमर गार्सिया हरफच ने सोमवार को पुष्टि की कि इस जवाबी हिंसा में नेशनल गार्ड के 25 जवान और एक सुरक्षा गार्ड शहीद हो गए हैं। अधिकारियों और पुलिस चौकियों पर कुल 27 हमले किए गए।

कार्टेल के लड़ाकों ने प्रमुख राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया और दर्जनों गाड़ियों में आग लगा दी। सार्वजनिक स्थानों पर हुई फायरिंग में 30 कार्टेल गुर्गे मारे गए, जबकि एक निर्दोष राहगीर की भी जान चली गई। हिंसा पर काबू पाने के लिए चलाए गए अभियान में अब तक सात राज्यों से कम से कम 70 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

मैक्सिको में फैली इस अराजकता पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मैक्सिको को कार्टेल और ड्रग तस्करी के खिलाफ अपने प्रयासों को और अधिक आक्रामक बनाना चाहिए। वर्तमान में मैक्सिको सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्टेल के भीतर होने वाला वर्चस्व का युद्ध है।

एल मेनचो की मौत के बाद संगठन के भीतर नेतृत्व को लेकर नई जंग छिड़ सकती है, जिससे हिंसा के और अधिक बढ़ने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात पर नजर रख रही हैं कि कार्टेल का अगला कदम क्या होगा और इसके पुनर्गठन को कैसे रोका जाए।