Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
टीवी बनाम सोशल मीडिया के अंतर्विरोध और कागजी आंकड़ों का खेल पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में भी रिकार्ड मतदान तमिलनाडु एग्जिट पोल में रेस का काला घोड़ा नया है West Bengal Election Results 2026: 4 मई को आएंगे नतीजे; 77 केंद्रों पर होगी 294 सीटों की मतगणना, सुर... देश के चुनावों में फिर से मोदी का जलवा कायम रहेगा Delhi Ration Card: दिल्ली में हर शनिवार लगेगा जन सुनवाई कैंप; राशन कार्ड की समस्याओं का होगा ऑन-द-स्... अब मोदी की नकल करने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति भी Hajj Yatra 2026: हज यात्रियों के किराए पर छिड़ी जंग; 10 हजार की बढ़ोतरी को सरकार ने बताया 'राहत', जा... चार सैनिकों के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा Election Counting 2026: सुरक्षा में कोई चूक नहीं! काउंटिंग सेंटर्स पर QR कोड सिस्टम लागू, बिना डिजिट...

नेपाल में फिर से भीषण बस दुर्घटना की खबर

विदेशियों सहित उन्नीस की मौत

काठमांडू: नेपाल के पहाड़ी रास्तों पर एक बार फिर रफ्तार और दुर्गम भूगोल का जानलेवा संगम देखने को मिला है। सोमवार तड़के पश्चिमी नेपाल के धाडिंग जिले में हुए एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर मुख्य मार्ग से फिसल गई और करीब 200 मीटर (650 फीट) गहरी खाई में जा गिरी।

यह दुखद घटना राजधानी काठमांडू से लगभग 80 किलोमीटर पश्चिम में स्थित बेहीघाट नामक स्थान पर हुई। बस पर्यटकों के लोकप्रिय केंद्र पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में कुल 44 यात्री सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। मृतकों में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ तीन विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जान गंवाने वाले विदेशियों में भारत, ब्रिटेन और चीन का एक-एक नागरिक शामिल है। घटनास्थल पर ही 14 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि अन्य की मृत्यु अस्पताल ले जाते समय या उपचार के दौरान हुई।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नेपाल पुलिस और सेना की टुकड़ियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। हालांकि, अंधेरा और बेहद ढलानी व दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने के कारण बचाव दल को मलबे तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस हादसे में 25 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस और निजी वाहनों के जरिए काठमांडू के विभिन्न शिक्षण अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में न्यूजीलैंड और चीन के नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

नेपाल के हिमालयी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं एक पुरानी और गंभीर समस्या बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसों के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। संकरे रास्ते और तीखे मोड़ों पर सुरक्षा घेरों (बैरियर) का अभाव। पुरानी बसों का खराब रखरखाव और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना। ऊंचे पहाड़ों पर अचानक बदलता मौसम और भूस्खलन की आशंका।

नेपाल सरकार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई है। प्रशासन ने दुर्घटना के सटीक कारणों की पहचान करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक की लापरवाही की वजह से।