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आल्प्स में हिमस्खलन से पांच पर्यटकों की मौत

प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टिरोल के इलाके में आयी तबाही

इंसब्रुक: ऑस्ट्रिया का प्रसिद्ध स्कीइंग स्वर्ग टिरोल आज सुबह एक गहरे मातम में डूब गया। आल्प्स की पहाड़ियों में हुए एक भीषण हिमस्खलन ने पांच पर्यटकों की जान ले ली। स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने पुष्टि की है कि मृतकों में एक अमेरिकी नागरिक और चार यूरोपीय पर्यटक शामिल हैं, जो सर्दियों की छुट्टियों का आनंद लेने और स्कीइंग के लिए यहाँ पहुँचे थे।

यह दर्दनाक घटना आज सुबह उस समय हुई जब बर्फ की एक विशाल और वजनी चट्टान अचानक अपनी जगह से खिसक कर एक लोकप्रिय स्की रिसॉर्ट के पास स्थित व्यस्त रास्ते पर आ गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिमस्खलन इतना तीव्र और अचानक था कि रास्ते पर मौजूद लोगों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। बर्फ का सैलाब अपने साथ सब कुछ बहा ले गया और देखते ही देखते कई मीटर मोटी बर्फ की चादर बिछ गई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू किया। आधुनिक हेलीकॉप्टरों, थर्मल सेंसर और प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की एक बड़ी टीम मौके पर भेजी गई। बचाव कर्मियों के अनुसार, मलबे में बर्फ की मोटाई इतनी अधिक थी कि खोजी उपकरणों को भी सिग्नल पकड़ने में कठिनाई हो रही थी। घंटों तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद, जब पीड़ितों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण जीवित बचने की उम्मीदें कुछ ही घंटों में समाप्त हो गई थीं।

इस त्रासदी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑस्ट्रियाई मौसम विभाग ने पिछले कई दिनों से हो रहे भारी हिमपात के कारण इस क्षेत्र में हिमस्खलन स्तर 4 घोषित कर रखा था। स्तर 4 का अर्थ है कि बर्फ की परतें अत्यंत अस्थिर हैं और एक व्यक्ति का भार भी बड़े हिमस्खलन को ट्रिगर कर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बार-बार दी गई चेतावनियों और प्रतिबंधित क्षेत्र के बोर्ड लगे होने के बावजूद, कुछ पर्यटक समूहों ने ऑफ-पिस्ट (चिह्नित रास्तों से बाहर) जाकर जोखिम उठाया, जो अंततः जानलेवा साबित हुआ।

इस भयावह दुर्घटना के बाद, टिरोल प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से सभी मुख्य स्की ढलानों और पर्यटन मार्गों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है। वर्तमान में स्थानीय पुलिस संबंधित देशों के दूतावासों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि कानूनी औपचारिकताओं के बाद शवों को उनके गृह देशों तक ससम्मान पहुँचाया जा सके। पर्यटकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल चिह्नित और सुरक्षित रास्तों का ही उपयोग करें।