Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal News: बंगाल में 1 जून से महिलाओं को मिलेंगे ₹3000, शुभेंदु सरकार का 'अन्नपूर्णा भंडार' प... पीएम मोदी का वडोदरा से संबोधन: 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाएं और सोने की खरीदारी टालें, जानें क्या है वजह Mira Bhayandar News: काशीमीरा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने पर बवाल, सरनाईक और मेहता आमने-सामने BRICS Meeting Delhi: दिल्ली में जुटेगा BRICS, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर होगी चर्चा Rewa News: तिलक के दौरान दूल्हे के अफेयर का खुलासा, शादी से मना करने पर लड़की पक्ष को दौड़ा-दौड़कर प... Secunderabad News: बीटेक छात्र यवन की हत्या का खुलासा, लड़की के पिता-भाई समेत 10 आरोपी गिरफ्तार UP BJP Meeting Lucknow: 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करेगी BJP, लखनऊ में 98 जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक Katihar Crime News: कटिहार में मानवता शर्मसार, नाबालिगों को खूंटे से बांधकर पीटा, सिर मुंडवाकर जबरन ... Jamshedpur Triple Murder: जमशेदपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने पत्नी और दो बच्चों को उतार... मानव को अंगों को उगाने में मदद करेगा

ऑस्ट्रेलिया में विनाशकारी बाढ़ का अलर्ट

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब जनजीवन पर पड़ रहा है

डार्विन: ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञान ब्यूरो ने आज क्वींसलैंड और उत्तरी क्षेत्रों के लिए ब्लैक अलर्ट यानी उच्चतम स्तर की बाढ़ चेतावनी जारी की है। पिछले 48 घंटों में हुई रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका गहरा गई है।

मौसम वैज्ञानिकों ने इस स्थिति को वंस-इन-ए-लाइफ (जीवन में एक बार आने वाली) बाढ़ करार दिया है। इसका अर्थ है कि ऐसी चरम मौसमी घटना दशकों में केवल एक बार देखी जाती है। क्वींसलैंड के रॉकहैम्पटन और उसके आसपास के कस्बों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को तुरंत घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का सख्त आदेश दिया है।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रमुख राजमार्ग और संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गए हैं, जिससे कई इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं। हजारों लोग अपने घरों की छतों पर फंसे हुए हैं। आपातकालीन सेवाएं हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण बचाव कार्य बार-बार बाधित हो रहा है।

सुरक्षा कारणों से स्थानीय बिजली ग्रिड को एहतियातन बंद कर दिया गया है ताकि पानी भरने से शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। संचार सेवाएं भी कई स्थानों पर ठप हो गई हैं। मौसम ब्यूरो के अनुसार, एक शक्तिशाली कम दबाव का क्षेत्र तट पर स्थिर हो गया है, जो समुद्र से लगातार नमी खींच रहा है। अगले 24 घंटों तक बारिश थमने के कोई संकेत नहीं हैं।

जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती गर्मी और समुद्री तापमान के कारण ऐसी चरम मौसमी घटनाएं अब अधिक तीव्र और बार-बार होने लगी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने रक्षा बलों को स्टैंडबाय पर रहने को कहा है ताकि बड़े पैमाने पर राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक स्रोतों, जैसे सोशल मीडिया (आधिकारिक हैंडल) और लोकल रेडियो, के माध्यम से अपडेट रहें। यदि सड़क पर पानी है, तो उसे पार करने की कोशिश न करें – यह संदेश हर संचार माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है।