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युवसाथी योजना में 42 लाख के पार आवेदन

ममता बनर्जी का चुनाव पूर्व दांव असर डाल रहा है

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी युवसाथी योजना के तहत नामंकन प्रक्रिया शुरू होते ही पूरे राज्य में युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। 16 फरवरी से शुरू हुए इस पंजीकरण अभियान के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री धारक युवक-युवतियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आवेदन जमा करने के लिए युवा घंटों इंतजार कर रहे हैं, जो राज्य में रोजगार की स्थिति और सरकारी सहायता के प्रति भारी आकर्षण को दर्शाता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी, 2026 की शाम 6:30 बजे तक कुल 42,44,657 आवेदन जमा किए जा चुके हैं। केवल एक दिन (20 फरवरी) के भीतर ही 6,16,021 नए आवेदन जुड़े हैं, जो इस योजना की व्यापकता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई इस योजना को सरकारी स्तर पर एक सहायता कार्यक्रम बताया जा रहा है, हालांकि आम जनता के बीच यह मुख्य रूप से बेरोजगारी भत्ते के रूप में चर्चित है।

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दक्षिण 24 परगना जिला पंजीकरण के मामले में राज्य में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यहाँ से कुल 4,43,518 आवेदन आए हैं। इसके बाद मुर्शिदाबाद (4,39,475) और उत्तर 24 परगना (2,96,920) का नंबर आता है। अन्य प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार है:

बांकुरा: 2,30,576 आवेदन

पुरुलिया: 2,28,517 आवेदन

हुगली: 2,21,976 आवेदन

हावड़ा: 1,97,420 आवेदन

कोलकाता: राजधानी में आवेदन करने वालों की संख्या 1,01,929 रही है।

उत्तर बंगाल में भी उत्साह कम नहीं है। कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में आवेदन एक लाख के पार हैं, जबकि सबसे कम आवेदन कलिम्पोंग (12,406) से प्राप्त हुए हैं। सरकार का दावा है कि इस योजना का उद्देश्य युवा पीढ़ी को डिजिटल सेवाओं और वित्तीय सहायता के दायरे में लाना है। द्वारे सरकार (दरवाजे पर सरकार) शिविरों के माध्यम से सीधे आवेदन लेने के कारण भागीदारी में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में शिक्षित युवाओं का आवेदन करना राज्य में रोजगार के अवसरों और शिक्षित बेरोजगारी की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।