अमेरिका के तटीय शहर में वैश्विक नेताओँ का जमावड़ा
फ्लोरिडाः अमेरिकी प्रशासन द्वारा वर्ष 2026 के जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल की आधिकारिक घोषणा ने वैश्विक कूटनीतिक और राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। व्हाइट हाउस ने आज शाम पुष्टि की कि इस बार दुनिया की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं का जमावड़ा फ्लोरिडा के तटीय शहर मियामी में लगेगा। इस घोषणा की सबसे उल्लेखनीय और विवादित बात यह है कि शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का निजी स्वामित्व वाला ट्रंप नेशनल डोरल रिसॉर्ट होगा।
यह आधुनिक इतिहास में पहली बार है जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति एक इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच की मेजबानी अपने ही निजी व्यावसायिक परिसर में करने जा रहा है। इस निर्णय पर उठ रहे सवालों के जवाब में व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने स्पष्ट किया कि ट्रंप नेशनल डोरल का चयन इसके अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, विशाल क्षमता और अनन्य सुरक्षा व्यवस्था के कारण किया गया है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि इस रिसॉर्ट को दुनिया के शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा और गोपनीयता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो किसी भी अन्य सार्वजनिक स्थल की तुलना में अधिक कस्टमाइज्ड सुरक्षा प्रदान करता है।
2026 के इस शिखर सम्मेलन के लिए दो मुख्य स्तंभ निर्धारित किए गए हैं। कोविड-19 के बाद की चुनौतियों और हालिया भू-राजनीतिक तनावों (जैसे ईरान और यूक्रेन संकट) के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता देना। पहली बार जी20 के मंच पर एआई के नैतिक उपयोग और इसके वैश्विक मानकों को तय करने पर व्यापक चर्चा होगी। इस सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, जर्मनी और अन्य सदस्य देशों के प्रमुख शिरकत करेंगे। भारत के लिए यह मंच महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वह अपनी तकनीकी क्षमता और एआई के क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव को प्रदर्शित करने का प्रयास करेगा।
मियामी के प्रशासन ने पहले ही इस विशाल आयोजन के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिवहन व्यवस्था को चाक-चौबंद करना शुरू कर दिया है। हालांकि, देश के भीतर इस पर राजनीति गरमा गई है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी और कई नैतिक निगरानी संस्थाओं ने इसे हितों के टकराव का स्पष्ट मामला बताया है। उनका तर्क है कि सरकारी खजाने का पैसा राष्ट्रपति के निजी व्यवसाय में जाना असंवैधानिक हो सकता है। इसके विपरीत, प्रशासन का तर्क है कि निजी रिसॉर्ट का उपयोग करने से सरकारी बुनियादी ढांचे पर होने वाले भारी खर्च में कमी आएगी और यह अमेरिकी करदाताओं के पैसे बचाने का एक तरीका है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के लिए यह शिखर सम्मेलन उनकी अमेरिका फर्स्ट नीति को दुनिया के सामने नए सिरे से पेश करने का एक सुनहरा अवसर है। मियामी की धूप और समुद्र के किनारे होने वाली यह बैठक न केवल वैश्विक नीतियों को दिशा देगी, बल्कि ट्रंप की व्यक्तिगत ब्रांडिंग और कूटनीतिक शक्ति का भी प्रदर्शन करेगी। 2026 की यह जी20 समिट केवल आर्थिक समझौतों के लिए नहीं, बल्कि अपने आयोजन स्थल और इसके पीछे की राजनीति के कारण इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगी।