Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दुनिया देखेगी भारत-ईरान की दोस्ती! 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के दरवाजे भारत के लिए खुले; ईरानी राजदूत के ... तीसरे विश्व युद्ध की आहट! ईरान ने अमेरिका के 'परमाणु बेस' पर दागी मिसाइलें; तुर्किये में गूंजे सायरन... LPG सिलेंडर नहीं हुआ 'सोना-चांदी'! पंजाब में बुजुर्ग की मौत, यूपी में खूनी झड़प और बिहार में ठगी; गै... सामाजिक न्याय पर राष्ट्रीय चर्चा के बीच New Delhi में Caste Census and Deepening of Social Justice प... मंगल की प्राचीन परतों में छिपा खगोलीय रहस्य: एक नई खोज कांग्रेस विभाजनकारी राजनीति करती हैः नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नोटिस दाखिल अमेरिका के इशारों पर नाचना भारत को अब महंगा पड़ा सऊदी जहाज तेल लेकर भारत पहुंचा युद्ध के असर से प्रभावित भारत का ऊर्जा भंडार

Bihar Politics: स्पीकर प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को हाईकोर्ट का नोटिस, जानें क्या है पूरा विवाद?

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए लंबा समय हो चुका है. हालांकि चुनाव में धांधली के आरोप विपक्ष की तरफ से कई बार लगाए जा चुके हैं. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने तो सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि वहां कोर्ट ने उनसे ही उलटे सवाल पूछ लिए थे. वहीं दूसरी तरफ अब यही धांधली और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का मामला पटना हाईकोर्ट पहुंच चुका है.

बिहार चुनाव में वोट चोरी और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का मामला अब पटना हाई कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने 42 विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष और कई मंत्री शामिल हैं. हारे हुए उम्मीदवारों की याचिकाओं पर हुई इस कार्रवाई में NDA और महागठबंधन दोनों पर वोट खरीदने के आरोप लगे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है.

42 विधायकों को नोटिस जारी

पटना हाई कोर्ट ने 42 विधायकों को नोटिस जारी किया है. विधायकों पर वोट चोरी और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने के आरोप है. जीते हुए विधायकों के खिलाफ हारे हुए पक्ष और विपक्ष के उम्मीदवारों ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दर्ज कराया था. जिस पर पटना हाईकोर्ट ने सभी जीते हुए विधायकों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है. हालांकि फिलहाल मामला पटना हाई कोर्ट में लंबित है.

किन-किन पर लगा आरोप?

जिन पर आरोप लगा है उसमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा, विधायक चेतन आनंद, गोह के राजद विधायक अमरेंद्र प्रसाद और अन्य पक्ष विपक्ष विधायकों के नाम शामिल है.आरोप लगाया गया है कि NDA ने दस दस हजार देकर वोट खरीदा वहीं महागठबंधन ने 2500 रुपए माई बहन योजना का वादा कर वोट खरीदा.

फिलहाल कोर्ट ने सभी विधायकों से जवाब दाखिल करने को कहा है. ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में ये विधायक अपने बचाव में क्या-क्या दस्तावेज कोर्ट में पेश करते हैं. अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो कई विधायकों की सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है.