धमतरी: क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन यानी सीसीटीवी गुंडे बदमाशों की निगरानी में काफी अहम साबित होती है. सीसीटीवी कैमरों से सिर्फ निगरानी नहीं नहीं की जाती, बल्कि चोर उचक्कों को पकड़ने और अपराध की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती है. छत्तीसगढ़ के ज्यादातर बड़े शहर अब सीसीटीवी कैमरों से लैस हो चुके हैं. शहर के मुख्य चौक चौराहों पर लगाए गए इन कैमरों से पुलिस निगरानी रखने का काम करती है.
खराब पड़े सीसीटीवी सुधारे गए
धमतरी शहर में बीते कई महीनों से शहर के मुख्य चौक चौराहों पर लगे सीसीटीवी खराब पड़े थे. इस वजह से आपराधिक घटनाओं में भी तेजी आई. अपराधियों को पकड़ने में भी पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर इन खराब पड़े सीसीटीवी को सुधारने का दबाव बढ़ता जा रहा था. आखिरकार कलेक्ट्रेट के डीएमएफ फंड से मिले पैसों की बदौलत इन सीसीटीवी की मरम्मत कराई गई. जिसके बाद एक बार फिर पुलिस की तीसरी नजर शहर में काम करने लगी है.
डीएमएफ फंड से मिला पैसा
दरअसल धमतरी शहर में वर्ष 2022 में कलेक्ट्रेट के डीएमएफ मद से विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए थे. समय पर रख-रखाव नहीं होने के कारण अधिकांश कैमरे लगभग डेढ़ वर्ष से बंद पड़े थे, जिससे निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी. पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में यातायात डीएसपी एवं यातायात प्रभारी द्वारा त्वरित पहल करते हुए सड़क सुरक्षा मद से आवश्यक सुधार कार्य कराकर 18 सीसीटीवी कैमरों को पुनः चालू कराया गया है.
इन इलाकों में सुधारे गए कैमरे
- कचहरी ढलान
- चमेली चौक
- घड़ी चौक
- रत्नाबांधा चौक
- सिहावा चौक
- अंबेडकर चौक
यातायात पुलिस की जनता से अपील
यातायात डीएसपी मोनिका मरावी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, यातायात नियमों का पालन करें तथा सुरक्षित एवं व्यवस्थित शहर निर्माण में सहयोग प्रदान करें. ट्रैफिक पुलिस ने ये भी कहा कि अगर किसी तरह का सड़क पर हादसा होता है तो वहां से बचकर निकलने की कोशिश नहीं करें. अगर कोई घायल सड़क पर पड़ा मिलता है तो उसकी मदद करें. किसी की एक छोटी सी मदद से किसी घायल इंसान की जान बच सकती है.