राहुल गांधी से फोन पर बात का भी नहीं हुआ असर
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22 फरवरी को होगा उनका स्वागत
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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रस्ताव को मंजूरी दी
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प्रियंका के दौरे पर हिमंता ने तंज कसा
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि राहुल गांधी से बातचीत के बाद बोरा अपना इस्तीफा वापस ले रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, भूपेन बोरा 22 फरवरी को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं।
मंगलवार रात असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी स्थित बोरा के आवास पर उनसे मुलाकात की, जहाँ उनका पारंपरिक आरती से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया जल्द ही शामिल होने की औपचारिकताएं पूरी करेंगे। सरमा ने तंज कसते हुए कहा कि बोरा का कांग्रेस छोड़ना इस बात का प्रमाण है कि अब कांग्रेस हिंदुओं और मुख्यधारा के असमिया लोगों के लिए सही मंच नहीं रही है। उन्होंने 32 वर्षों तक कांग्रेस में रहे बोरा के संघर्ष का सम्मान करते हुए कहा कि भाजपा उन्हें काम करने का बेहतर अवसर प्रदान करेगी।
डिगबोई रिफाइनरी में गैस रिसाव से दहशत
एक ओर जहाँ राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर तिनसुकिया जिले के डिगबोई में एक गंभीर औद्योगिक घटना ने लोगों को डरा दिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की असम ऑयल डिवीजन रिफाइनरी की चिमनी से अचानक काले धुएं और गैस का घना बादल निकलने लगा। यह गैस देखते ही देखते रिहायशी इलाकों में फैल गई, जिससे लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस घटना ने रिफाइनरी के सुरक्षा मानकों और एमिशन कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
पूर्वोत्तर के ही दूसरे राज्य मणिपुर में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इंफाल पश्चिम जिले में चलाए गए एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है, जिसमें डबल बैरल गन, देसी पिस्टल, 181 राउंड कारतूस, हैंड ग्रेनेड और वायरलेस सेट शामिल हैं। इसके अलावा, प्रतिबंधित संगठन पीएलए के चार कैडरों को गिरफ्तार किया गया है और राज्य में अवैध अफीम की खेती को भी नष्ट किया गया है।