Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
असम की महिलाओं की 'बड़ी बैसाखी'! 40 लाख लाभार्थियों के खाते में आएंगे ₹9,000; CM हिमंत सरमा ने महिला... दिल्ली के नाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड! बनी देश की पहली 'रिंग मेट्रो' वाली राजधानी, पीएम मोदी ने 71.5 किमी ल... Punjab Budget 2026: 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' शुरू, महिलाओं को मिलेंगे ₹1000 और SC महिल... Arvind Kejriwal in Gujarat: गांधीनगर में अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान, बोले- "भ्रष्टाचार खत्म करने क... Kanpur News: कानपुर में फॉरेंसिक साइंटिस्ट की सरेआम पिटाई, तीन महिलाओं ने बीच चौराहे पर किया हमला; प... UP News: उत्तर प्रदेश में गूगल मैप की बड़ी लापरवाही, गलत नेविगेशन के कारण नाले में गिरी तेज रफ्तार क... दिल्ली की रफ्तार को लगा 'पंख'! सीएम रेखा ने किया नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन; कनेक्टिविटी में आएगा ... Tamil Nadu Assembly Election 2026: AIADMK चीफ पलानीस्वामी ने DMK-कांग्रेस गठबंधन को घेरा, बोले- "गठब... Karnataka Crime News: शादी के नाम पर जबरन धर्म परिवर्तन और लूट! कर्नाटक की महिला ने पति पर लगाए गंभी... मलेरिया नियंत्रण की दिशा में इस खोज की बहुत मदद मिलेगी

Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी ‘वंदे भारत’ ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये का खास रंगीन सिक्का

इंदौर: देश में रेलों के विद्युतीकरण के इतिहास को 100 साल पूरे होने पर भारत सरकार ने पहली बार रंगीन सिक्का जारी किया है. हाल ही में जारी किए गए ₹100 के इस पहले रंगीन सिक्के पर वंदे भारत ट्रेन नजर आ रही है जो रेलों के विद्युतीकरण और आधुनिक दौर की रेल के रूप में मील का पत्थर साबित है.

रेल विद्युतीकरण की शुरुआत 1925 में हुई

दरअसल भारत में 1925 के पहले तक कोयले और डीजल से ट्रेन चलती थी. हालांकि, इसके बाद रेलों के विद्युतीकरण की शुरुआत हुई जिसके तहत 1925 में मुंबई से कुर्ला के बीच पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन हर्बल लाइन पर चली थी जिसकी विद्युत क्षमता 15 किलोवाट डीसी थी. इसके बाद से ही भारतीय रेल में रेल लाइनों के विद्युतीकरण की शुरुआत हुई और देखते ही देखते इन 100 सालों में अब लगभग पूरी तरह से ब्रॉड गेज लाइन का 100% विद्युतीकरण हो चुका है.

विद्युतीकरण से जीरो कार्बन उत्सर्जन

रेलों के विद्युतीकरण से न केवल कोयला और डीजल जैसे प्राकृतिक ईंधन की बचत हो सकती है, बल्कि जीरो कार्बन उत्सर्जन से देश के पर्यावरण को भी रेल से होने वाले प्रदूषण से बचाया जा सका है. भारतीय रेल के मुताबिक इंडिया गवर्नमेंट मिंट ने यह सिक्का जारी किया है जो ₹100 मूल्य का है. इसका डिजाइन खनन मंत्रालय के अधीन प्रिंटिंग और माइनिंग कॉरपोरेशन द्वारा किया गया है.

यह है सिक्के की खासियत

देश का पहला रंगीन सिक्का मिश्र धातु का बना है जिसमें सबसे ज्यादा 50% चांदी है, जबकि तांबा 40% और निकल एवं जास्ता 5% के रूप में है. सिक्के का भजन 35 ग्राम है जिसके परिधि छोर पर 200 दांत बने हुए हैं. चांदी के दिखने वाले सिक्के में लाल रंग की वंदे भारत ट्रेन देखने के कारण सिक्का अपने आप में आकर्षक एवं उपयोगी है. दरअसल, सिक्के को जारी करते समय इसकी कीमत 8700 थी. लेकिन अब जबकि चांदी के रेट बढ़ गए हैं तो इस सिक्के की कीमत 10,000 रुपये को भी पार कर गई है.