पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह करेंगे प्रचार
-
मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों पर मामला
-
पांच सौ करोड़ की मानहानि का केस
-
मणिपुर में प्रतिबंधित संगठनों के कैडर गिरफ्तार
भूपेंन गोस्वामी
गुवाहाटीः असम में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार राज्य की 126 सीटों में से 100 से अधिक सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस रणनीति को धार देने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कमान संभाल ली है।
भाजपा की चुनावी बिसात और पीएम का दौरा पार्टी की चुनावी तैयारियों के केंद्र में बूथ स्तर का कार्यकर्ता है। इसी कड़ी में शनिवार (14 फरवरी 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे लगभग एक लाख बूथ कार्यकर्ताओं के विशाल सम्मेलन को संबोधित करेंगे। भाजपा का मानना है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाकर ही मिशन 100 को सफल बनाया जा सकता है। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने भी कोर ग्रुप के साथ बैठक की थी और उनके 21 फरवरी को पुनः असम दौरे पर आने की संभावना है।
राज्य की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री पर 12,000 बीघा जमीन अवैध रूप से कब्जाने का आरोप लगाया था। असम की एक अदालत ने इन आरोपों को प्रथम दृष्टया मानहानिकारक मानते हुए तीनों नेताओं को 9 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया है। अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए इन नेताओं और संबंधित समाचार पत्र पर मुख्यमंत्री की संपत्ति के खिलाफ आगे कोई भी बयान देने या रिपोर्ट प्रकाशित करने पर रोक लगा दी है।
इस कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री सरमा को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मानहानि का केस दर्ज कराना केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है। बघेल ने मांग की है कि यदि मुख्यमंत्री में साहस है, तो उन्हें इन आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करनी चाहिए।
पड़ोसी राज्य मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इंफाल वेस्ट, ईस्ट और टेंग्नौपाल जिलों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशनों में आठ सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में केसीपी संगठन के सदस्य भी शामिल हैं, जो जबरन वसूली और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। इनके पास से वाहन, मोबाइल फोन और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।