Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Delhi-Agra Highway Accident: दिल्ली-आगरा हाईवे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा; पुल की रेलिंग तोड़... Mumbai Dabbawala Service Closed: मुंबई में 6 दिन नहीं पहुंचेगा टिफिन; 4 अप्रैल तक डब्बेवालों की सर्व... 'घर में अकेली थी किशोरी, अंदर घुसे ASI और...'; पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप, जांच शुरू Delhi-NCR Rain Update Today: दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश; 14 राज्यों में मौसम का अलर... Bhopal Hotel Owner Murder News: भोपाल में 'बेटा' कहने पर भड़का युवक; होटल मालिक की चाकू से गोदकर बेर... Sonia Gandhi Court Case Update: सोनिया गांधी से जुड़े 50 साल पुराने केस पर कोर्ट की टिप्पणी; 'आधी सद... Indian Rupee Value Today 2026: रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर! डॉलर के मुकाबले ₹95 के पार, करेंसी... Sensex Below 72000 Today: शेयर बाजार में हाहाकार! 26 महीने बाद 72,000 के नीचे बंद हुआ सेंसेक्स; निवे... अमृतसर नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा; करोड़ों के घोटाले के आरोप से गरमाई सियासत Punjab Government Holiday Tuesday: पंजाब में मंगलवार को सरकारी छुट्टी का एलान; स्कूल, कॉलेज और दफ्तर...

राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने लिया अपना फैसला

  • 114 लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत

  • अब केंद्रीय कमेटी के पास जाएगा

  • 18 विमान तैयार हालत में आयेंगे

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह मेगा-डील भारत की रक्षा तैयारियों और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस सौदे के तहत भारतीय वायु सेना की तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग 18 विमान सीधे फ्रांस से तैयार स्थिति में खरीदे जाने की संभावना है। शेष विमानों का निर्माण स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मॉडल के तहत भारत में ही किया जाएगा। यह कदम न केवल भारतीय रक्षा क्षेत्र में तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देगा, बल्कि घरेलू रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और रोजगार सृजन में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।

अधिग्रहण परिषद द्वारा दी गई यह प्रारंभिक मंजूरी इस रक्षा सौदे की पहली बड़ी बाधा को पार करना है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम अनुमोदन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद भारत और फ्रांस के बीच आधिकारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

इस नए खरीद प्रस्ताव के पूरा होने के बाद भारत के पास राफेल विमानों का एक विशाल बेड़ा होगा। वर्तमान में भारतीय वायु सेना के पास पहले से ही 36 राफेल विमानों का बेड़ा संचालित है, और पिछले वर्ष भारतीय नौसेना ने भी विमानवाहक पोतों के लिए 26 राफेल (समुद्री संस्करण) का ऑर्डर दिया था। इन 114 नए विमानों के शामिल होने से देश में राफेल विमानों की कुल संख्या 176 तक पहुँच जाएगी, जिससे दो मोर्चों (चीन और पाकिस्तान) पर युद्ध की स्थिति में भारत की स्थिति अत्यंत सुदृढ़ हो जाएगी। यह बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान उन्नत रडार प्रणाली, अत्याधुनिक मिसाइलों और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताओं से लैस है, जो इसे समकालीन युद्ध क्षेत्र में अपराजेय बनाता है।