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ड्रोन हमले में 24 नागरिकों की मौत

मध्य सुडान में फिर से भड़क गया गृहयुद्ध

पोर्ट सुडान: युद्धग्रस्त सूडान के मध्य क्षेत्र से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। आज सुबह हुए एक घातक ड्रोन हमले ने न केवल 24 निर्दोष नागरिकों की जान ले ली, बल्कि आधुनिक युद्ध तकनीक के क्रूर इस्तेमाल पर वैश्विक चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। आधिकारिक सूत्रों और स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जो इस गृहयुद्ध की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं।

यह हमला उस समय हुआ जब विस्थापितों का एक समूह संघर्ष वाले इलाकों को छोड़कर सुरक्षित गलियारे की तलाश में पलायन कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्रोन ने एक व्यस्त स्थानीय बाजार और उसके ठीक बगल में खड़े वाहनों के काफिले को निशाना बनाया। हमले के तुरंत बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई और पूरा इलाका धुएं व मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, लेकिन खुले क्षेत्र में होने के कारण उन्हें छिपने का अवसर नहीं मिला।

हमले में घायल हुए लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह लाचार नजर आ रहे हैं। अस्पतालों में न केवल बिस्तरों की कमी है, बल्कि जीवन रक्षक दवाओं और रक्त की भी भारी किल्लत हो गई है। चिकित्सा कर्मियों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। सूडान में जारी अर्धसैनिक बल और नियमित सेना के बीच का सत्ता संघर्ष अब आम जनता के लिए काल बन चुका है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सूडान के गृहयुद्ध में ड्रोन तकनीक का प्रवेश एक नई और भयावह प्रवृत्ति है, जिससे नागरिक सुरक्षा पूरी तरह समाप्त हो गई है। यह देश पहले से ही भीषण अकाल और कुपोषण की चपेट में है, और ऐसे हमलों ने मानवीय सहायता कार्यों को भी बाधित कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक निकायों ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों से तत्काल संघर्ष विराम की अपील की है ताकि मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सूडान में जारी यह हिंसा केवल सत्ता की जंग नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी बन गई है जिसने लाखों जीवन दांव पर लगा दिए हैं।