साइबर सुरक्षा सहित द्विपक्षीय सहयोग पर बनायी सहमति
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों को नई ऊर्जा देते हुए भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीब डोभाल ने ओटावा में कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नैथली ड्रौइन के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता की। शनिवार को हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग को मजबूत करना था। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने अपने कामकाजी संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक साझा कार्ययोजना पर सहमति व्यक्त की है।
इस वार्ता की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि दोनों देशों द्वारा सुरक्षा और कानून प्रवर्तन संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति करने का निर्णय है। यह कदम द्विपक्षीय संचार को सुव्यवस्थित करने और आपसी चिंता के विषयों पर समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाएगा। विशेष रूप से, यह तंत्र नशीली दवाओं के अवैध प्रवाह (खासकर फेंटानिल प्रीकर्सर्स) और अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाएगा।
डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए, भारत और कनाडा ने साइबर सुरक्षा नीति पर सहयोग को औपचारिक रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अंतर्गत दोनों देश साइबर खतरों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सूचना साझा करेंगे। इसके अतिरिक्त, घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के दायरे में रहते हुए, धोखाधड़ी और आव्रजन प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर भी निरंतर चर्चा जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
एनएसए अजीत डोभाल की इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान शुक्रवार को कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी के साथ भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। यह यात्रा दर्शाती है कि भारत और कनाडा राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन की प्राथमिकताओं पर एक-दूसरे के साथ व्यावहारिक सहयोग के लिए तैयार हैं। यह संवाद न केवल दोनों देशों के आंतरिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन के लिए भी अहम माना जा रहा है।