Food Processing in MP: मध्य प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग का हाइटेक युग, अब आधुनिक मशीनों से प्रोसेस्ड अनाज पहुंचेगा आपके घर
इंदौर: खेती किसानी से लेकर अनाज उत्पादन और इसकी प्रोसेसिंग के हर चरण में इन दिनों आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग हो रहा है. जिसकी वजह अनाज से मसाले और तरह-तरह की खाद्य सामग्री का उत्पादन आसान हुआ है. वहीं मशीनों से तैयार और पैक्ड किए जाने वाले फूड प्रोडक्ट्स दाल मिल और रोलिंग मिल से सीधे विदेश में भी एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं.
101 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है भारतीय फूड प्रोसेसिंग का बाजार
भारतीय फूड प्रोसेसिंग का बाजार सालाना 17.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि से बढ़ते हुए 101 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है जो देश की कुल इकोनामी का 53% है. दुनिया भर में बढ़ते शहरीकरण, फास्ट फूड आधारित जीवन शैली और खाद्य सामग्री के रिटेल बाजार के युग में पैक्ड फूड सामग्री की भारी डिमांड है. दाल चावल से लेकर मसाले और खाने की हर चीज फूड मार्केट के रिटेल काउंटरों तक पहुंच रही है.
उसे खेतों में उगाने के बाद उपयोग के लायक बनाने के लिए जिस फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और मशीनों का उपयोग होता है उनकी डिमांड अब देश की हर छोटी बड़ी हर फूड प्रोसेसिंग यूनिट को है. इन मशीनों में भी तरह-तरह की नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के कारण फूड प्रोसेसिंग की गति बढ़ाने के साथ पैकिंग से लेकर सप्लाई और बिक्री में भी तेजी आई है. वहीं मशीनों से उच्च क्वालिटी की दाल और अनाज से तैयार फूड प्रोडक्ट अब विदेशों में भी एक्सपोर्ट हो रहे हैं. जिसका फायदा देश की फूड प्रोसेसिंग यूनिट और दाल चावल मिलर्स को मिल रहा है.
दाल मिल एसोसिएशन की तरफ से इंदौर में लगाई गई है राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी
लिहाजा इस सेक्टर से जुड़े तमाम संगठन अब अपने अधीन फूड प्रोसेसिंग यूनिटों को नई-नई मशीनों टेक्नोलॉजी से अपग्रेड कर रहे हैं जिससे कि उनके व्यापार में वृद्धि होने के साथ उपभोक्ताओं को क्वालिटी फूड प्रोडक्ट मिल सके. मध्य प्रदेश के दाल मिल एसोसिएशन की तरफ से इंदौर में राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें विभिन्न देशों में उपयोग होने वाली फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और उनसे जुड़ी मशीनों का प्रदर्शन किया जा रहा है.
मध्य प्रदेश में दाल मिलों की स्थिति चुनौती पूर्ण
फिलहाल मध्य प्रदेश में करीब 4000 फूड प्रोसेसिंग यूनिट हैं जो कृषि के अलावा डेयरी और बागवानी आधारित उद्योगों से जुड़ी हुई हैं. अधिकांश इकाइयां इंदौर में हैं जबकि शेष भोपाल और जबलपुर में हैं. हालांकि इन्हें अपग्रेड करने के लिए सरकार लोन के जरिए 35 से 50% तक सब्सिडी दे रही है.
कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग की बात की जाए तो मध्य प्रदेश में चना, मसूर, मूंग और उड़द के सर्वाधिक उत्पादन के बावजूद राज्य में लगते मंडी टैक्स और मिलों के अपग्रेड नहीं होने के कारण दाल मिल उद्योग नो लॉस नो प्रॉफिट की स्थिति में है. इसके अलावा अनाज को प्रोसेस करने के लिए यहां लेबर की कमी और लागत बढ़ने से 1000 से ज्यादा दाल मिलें नुकसान में जाकर बंद हो चुकी हैं. जिन्हें घाटे से उबारने के लिए उन्हें संसाधनों के लिहाज से अपग्रेड किया जाना जरूरी है.
इसलिए मध्य प्रदेश में ग्रैंनेक्स इंडिया जैसे आयोजनों के जरिए एडवांस मशीन और टेक्नोलॉजी अपनाने का अवसर दिया जा रहा है. इसके लिए इंदौर में फूड प्रोसेसिंग मशीनरी से जुड़ी 200 से ज्यादा कंपनियां अपने प्रोडक्ट और मशीनों की प्रदर्शनी लगा रही हैं.