समझौता शर्तों पर कोई पारदर्शिता नहीं होने का विवाद जारी
-
अभी सिर्फ बयान ही जारी किया जाएगा
-
अमेरिकी राष्ट्रपति इसका आदेश जारी करेंगे
-
मूल समझौता मार्च तक पूरा होने की उम्मीद
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत और अमेरिका अगले 4-5 दिनों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के संबंध में एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप देंगे और उस पर हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत से आने वाले सामानों पर अमेरिका द्वारा टैरिफ (आयात शुल्क) को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय, इस संयुक्त बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से प्रभावी होगा।
दूसरी ओर, भारत द्वारा अमेरिकी आयात पर शुल्क में कटौती की कानूनी प्रक्रिया मार्च के मध्य में औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ही शुरू हो पाएगी। श्री गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि भारत कानूनी रूप से औपचारिक समझौते के बाद ही टैरिफ कम करने की अनुमति दे सकेगा।
संवाददाताओं से बात करते हुए श्री गोयल ने कहा, दोनों देशों के नेताओं द्वारा घोषित निर्णयों पर भारत और अमेरिका के बीच सार्थक बातचीत चल रही है। द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला हिस्सा लगभग तैयार है। हमें उम्मीद है कि अगले 4-5 दिनों में दोनों देशों के बीच एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि औपचारिक और कानूनी समझौते पर भी साथ-साथ काम चल रहा है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। गोयल ने अनुमान जताया कि औपचारिक समझौते पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर किए जाएंगे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश के बाद 18 फीसद टैरिफ की दर संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर होते ही लागू हो जाएगी।
इसी कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, जो अक्टूबर 2025 में कार्यभार संभालने तक इस सौदे के मुख्य वार्ताकार थे, ने कहा कि भारत द्वारा किए गए प्रत्येक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद बातचीत पूरी होने पर एक संयुक्त बयान जारी करने की परंपरा रही है।