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ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब दोबारा कोई ढिलाई नहीं

देश का रक्षा बजट बढ़कर 7.85 लाख करोड़

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की घोषणा की है। इस बार रक्षा क्षेत्र के लिए कुल 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में एक बड़ी छलांग है।

पिछले साल रक्षा बजट में 9.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इस बार यह वृद्धि दर 15.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सेना के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि है। आत्मनिर्भर भारत’ और मेक इन इंडिया के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई) की सफलता ने भारतीय हथियारों की ताकत को साबित किया है। पीएम मोदी ने भी हाल ही में स्वदेशी हथियारों की प्रभावशीलता की सराहना की थी। वित्त वर्ष 2026-27 में रक्षा व्यय भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 11 प्रतिशत होगा, जबकि 2025-26 में यह 8 प्रतिशत था। इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य सीमाओं पर सुरक्षा को और पुख्ता करना और वैश्विक स्तर पर सैन्य शक्ति के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।