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बलूचिस्तान में भीषण हमला औऱ 140 से अधिक की मौत

पाकिस्तान में पूर्व की चेतावनी फिर से सच साबित हुई

क्वेटाः पाकिस्तान के अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में शनिवार को अलगाववादियों ने सुनियोजित हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 10 सुरक्षाकर्मी और 11 नागरिक मारे गए हैं। यह खनिज संपदा से भरपूर इस क्षेत्र में दशकों से चल रहे विद्रोह की नवीनतम और बेहद हिंसक कड़ी है।

सैन्य सूत्रों और आधिकारिक बयानों के अनुसार, इन हमलों के बाद भड़की झड़पों में दर्जनों उग्रवादी भी मारे गए हैं। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही सेना ने दावा किया था कि उसने कई जातीय बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगे इस प्रांत में सुरक्षा बलों, विदेशी नागरिकों और बाहरी लोगों को निशाना बनाने वाले अलगाववादी आंदोलनों से जूझ रहा है।

एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि आतंकवादियों ने आज सुबह 12 से अधिक स्थानों पर एक साथ हमले शुरू किए। उन्होंने पुष्टि की कि 10 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं, जबकि कई अन्य घायल हैं। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 67 उग्रवादी मारे गए। अंतिम सूचना के मुताबिक इसमें मरने वालों की असली संख्या 140 से अधिक है।

इन हमलों की चपेट में नागरिक भी आए, जिनमें 11 बलूच नागरिकों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। हालांकि इन नागरिकों की मौत की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन पूर्व में बलूच अलगाववादी उन नागरिकों को निशाना बनाते रहे हैं जिन पर वे राज्य एजेंसियों के साथ मिलीभगत का संदेह करते हैं।

इस्लामाबाद में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने इन हमलों को खराब तरीके से नियोजित करार देते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण ये हमले अपने उद्देश्यों में विफल रहे। प्रांतीय राजधानी क्वेटा सहित चार जिलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। क्वेटा में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जिसके बाद भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

शहर की सड़कें सुनसान हैं और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बल अत्यधिक सख्ती बरत रहे हैं, जिससे आम लोगों को अस्पताल जाने जैसी आपातकालीन स्थिति में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, उग्रवादियों ने एक जिला जेल पर हमला कर कम से कम 30 कैदियों को छुड़ा लिया और वहां से हथियार एवं गोला-बारूद भी लूट लिए। इसके अलावा, एक डिप्टी जिला कमिश्नर के अपहरण की भी खबर है। हमलों के मद्देनजर पूरे प्रांत में मोबाइल सेवाएं जाम कर दी गई हैं और ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी, जो इस क्षेत्र का सबसे सक्रिय उग्रवादी समूह है, ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने दावा किया कि उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठानों, पुलिस और नागरिक प्रशासन को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलावरों का भी उपयोग किया। बीएलए द्वारा जारी वीडियो और बयानों से संकेत मिलता है कि इन हमलों में कई महिलाएं भी शामिल थीं।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने कहा, पिछले 12 महीनों में सुरक्षा बलों ने 700 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया है। ये हमले आतंकवाद के खिलाफ हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है। यहाँ के अलगाववादियों का मानना है कि बाहरी लोग और विदेशी कंपनियां उनकी संपदा का शोषण कर रही हैं, जिसके कारण वे अक्सर अन्य प्रांतों के श्रमिकों और ऊर्जा कंपनियों को निशाना बनाते हैं।