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विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को पक्षपाती बताया

अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट को खारिज किया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग की वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि आयोग ने वस्तुनिष्ठ तथ्यों के बजाय संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक आख्यानों पर भरोसा करते हुए भारत की एक विकृत और चुनिंदा तस्वीर पेश करना जारी रखा है। उन्होंने कहा, हम भारत के बारे में इसके प्रेरित और पक्षपाती चित्रण को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं। इस तरह की बार-बार की गई गलतबयानी केवल खुद आयोग की विश्वसनीयता को कम करती है।

जायसवाल ने आगे कहा कि भारत की चुनिंदा आलोचना करने के बजाय, यूएससीआईआरएफ को अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, हमलों और भारतीय प्रवासियों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता जैसी गंभीर घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। यह प्रतिक्रिया तब आई है जब यूएससीआईआरएफ ने भारत को विशेष चिंता वाले देश के रूप में नामित किया और अमेरिका से हथियारों की बिक्री तथा व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ने के लिए कहा।

अपनी रिपोर्ट भारत में व्यवस्थित धार्मिक उत्पीड़न में, यूएससीआईआरएफ ने आरोप लगाया कि भारत की राजनीतिक व्यवस्था धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति भेदभाव का माहौल बनाती है। रिपोर्ट में आरएसएस और सत्ताधारी भाजपा के बीच संबंधों और धार्मिक स्वतंत्रता पर इसके प्रभावों की भी जांच की गई है। आयोग का दावा है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और सरकार अल्पसंख्यकों तथा उनके पूजा स्थलों को निशाना बना रही है।

यूएससीआईआरएफ  की स्थापना 1998 में अमेरिकी कांग्रेस के एक अधिनियम द्वारा की गई थी, जो विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करता है। हालांकि, भारत सरकार ने पहले भी इसे एक राजनीतिक एजेंडे वाला पक्षपाती संगठन बताया है। पिछले वर्ष जायसवाल ने कहा था कि भारत 1.4 अरब लोगों का घर है जहाँ सभी धर्मों के लोग सद्भाव से रहते हैं, और वास्तव में यूएससीआईआरएफ को ही चिंताजनक इकाई के रूप में नामित किया जाना चाहिए।