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यूरोप के ट्रंप विरोधी तेवर के बीच नाटो प्रमुख की चेतावनी

अमेरिका के बिना रक्षा की सोच सिर्फ एक सपना है

ब्रसेल्स: उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (के नवनियुक्त महासचिव मार्क रुटे ने यूरोपीय देशों की सुरक्षा नीतियों और उनकी आत्मनिर्भरता के दावों पर कड़ा प्रहार किया है। सोमवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संसद के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए रुटे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य और रणनीतिक सहयोग के बिना यूरोप अपनी रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ है।

उनके इस बयान को यूरोपीय राजधानियों के लिए एक ‘रियलिटी चेक’ के रूप में देखा जा रहा है। मार्क रुटे ने यूरोपीय नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, यदि यहाँ किसी को भी यह लगता है कि यूरोपीय संघ या समग्र रूप से यूरोप, अमेरिका के बिना अपनी रक्षा कर सकता है, तो कृपया सपनों की दुनिया में जीते रहें। सच्चाई यह है कि आप ऐसा नहीं कर सकते। हम ऐसा नहीं कर सकते। हमें एक-दूसरे की जरूरत है।

रुटे का यह तीखा बयान उस समय आया है जब वाशिंगटन में सत्ता परिवर्तन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीतियों के कारण यूरोप में इस बात पर बहस चल रही है कि क्या महाद्वीप को अपनी रक्षा के लिए एक स्वतंत्र सैन्य ढांचा तैयार करना चाहिए। नाटो प्रमुख ने उन यूरोपीय देशों को आईना दिखाया जो रक्षा पर खर्च बढ़ाने में कोताही बरत रहे हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि यदि यूरोप वास्तव में ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ चाहता है और अमेरिका से अलग अपनी सेना बनाना चाहता है, तो उसे अपनी अर्थव्यवस्था का एक बहुत बड़ा हिस्सा दांव पर लगाना होगा। रुटे के अनुसार, यदि यूरोप अकेले खड़ा होना चाहता है, तो उसे अपने रक्षा बजट को सकल घरेलू उत्पाद के 10 प्रतिशत तक ले जाना होगा। वर्तमान में यूरोप की सुरक्षा अमेरिकी परमाणु छतरी पर टिकी है। रुटे ने चेतावनी दी कि अमेरिका के बिना यूरोप को अपनी स्वतंत्र परमाणु प्रतिरोधक क्षमता विकसित करनी होगी, जिसमें खरबों यूरो का निवेश और दशकों का समय लगेगा।

रुटे का यह संबोधन सीधे तौर पर अमेरिकी राजनीति में बढ़ते अलगाववाद की प्रतिक्रिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अक्सर नाटो की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए हैं और उन देशों की सुरक्षा करने से इनकार करने की बात कही है जो अपना वित्तीय योगदान पूरा नहीं करते। रुटे ने व्यंग्यात्मक लहजे में चेतावनी दी कि यदि यूरोप अमेरिका से अलग होने का रास्ता चुनता है, तो वह अपनी स्वतंत्रता के अंतिम गारंटर को खो देगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, उस परिदृश्य में, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

रुटे का मुख्य संदेश यह था कि रक्षा खर्च में मामूली या नाममात्र की वृद्धि यूरोप को सुरक्षित नहीं बना सकती। रूस-यूक्रेन युद्ध और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच, यूरोप को यह समझना होगा कि अमेरिका के साथ सैन्य गठबंधन केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है।

उन्होंने यूरोपीय नेताओं को याद दिलाया कि नाटो की सामूहिक रक्षा (अनुच्छेद 5) ही वह ढाल है जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में शांति बनाए रखी है। रुटे के इस बयान ने ब्रसेल्स में एक नई हलचल पैदा कर दी है, जहाँ अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यूरोप वास्तव में इतने बड़े रक्षा खर्च और परमाणु स्वायत्तता के लिए तैयार है, या फिर उसे अपनी सुरक्षा के लिए वाशिंगटन के साथ संबंधों को और मजबूत करना होगा।