Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर अब होगा महंगा! 1 अप्रैल से बढ़ गईं टोल की दरें; जानें NH-9 और पेरिफेरल... MS Dhoni के 'हुक्का पार्टनर' का बड़ा खुलासा! 4.80 करोड़ का यह खिलाड़ी तैयार करता है माही के लिए 'शीशा';... सलमान खान की 'मातृभूमि' के बाद अब आयुष्मान-शरवरी की फिल्म पर चला कैंची! बदला जा रहा है नाम; जानें अब... North Korea Election 2026: किम जोंग उन को मिले 99.93 फीसदी वोट, क्या है उत्तर कोरियाई चुनाव का असली ... ब्लू-चिप कंपनियों को बड़ा झटका! दुनिया की टॉप 500 लिस्ट से बाहर हुए भारत के ये 4 दिग्गज नाम; कहीं आपक... Instagram पर छाया AI का जादू! अब 'Voice Note' में आवाज बदलना हुआ आसान; जानें कैसे काम करता है यह मजे... Darsh Amavasya 2026: दर्श अमावस्या आज! पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये 5 अचूक उपाय; घर में बरसेगी ... पुरानी साड़ी को दें 'ग्लैमरस' टच! 2026 के ये 5 ट्रेंडी ड्रेपिंग स्टाइल जो आपको पार्टी की जान बना दें... दिल्ली ब्रिज हादसा: टल गया 'मौत का तांडव'! पुल गिरने से 1 महिला की मौत, लेकिन 1 घंटे पहले वहां से गु... घर बना 'डेथ ट्रैप'! दिल्ली पालम अग्निकांड की रूह कंपा देने वाली कहानी; बच्चों को बचाने के लिए पिता न...

मेयर के काफिले पर आरपीजी हमला

फिलीपींस में अपराधियों के हौसले अब भी बुलंद

मनिला: दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश फिलीपींस के अशांत दक्षिणी प्रांत मैगुइंदानाओ डेल सुर में रविवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी। यहाँ के एक प्रमुख नगर प्रमुख (मेयर), अकमाद अम्पतुलन के काफिले को निशाना बनाकर एक घातक हमला किया गया। यह हमला न केवल सुनियोजित था, बल्कि इसमें इस्तेमाल किए गए हथियारों की प्रकृति ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

सरकारी मीडिया आउटलेट, फिलीपीन न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला रविवार सुबह करीब 6:30 बजे हुआ, जब मेयर अम्पतुलन का काफिला एक नियमित यात्रा पर था। आमतौर पर शांत रहने वाली सुबह अचानक धमाकों और गोलियों की आवाज़ से गूँज उठी। हमलावरों ने मेयर की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने के लिए रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) का इस्तेमाल किया।

आरपीजी एक ऐसा हथियार है जो बख्तरबंद टैंकों को नष्ट करने की क्षमता रखता है। गनीमत यह रही कि मेयर अम्पतुलन एक उच्च स्तरीय बुलेटप्रूफ वाहन में सवार थे। रॉकेट का वार गाड़ी पर हुआ, लेकिन वाहन के मजबूत सुरक्षा कवच के कारण विस्फोट का असर केबिन के भीतर नहीं पहुँच पाया। मेयर और उनके साथ सवार लोग इस जानलेवा हमले में चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गए।

घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों पर एक वीडियो फुटेज वायरल हुआ, जिसने हमले की गंभीरता को उजागर कर दिया। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक संदिग्ध सफेद वैन अचानक मेयर के काफिले के सामने रुकती है। वैन से फुर्ती के साथ दो व्यक्ति बाहर निकलते हैं। उनमें से एक के हाथ में स्पष्ट रूप से आरपीजी लॉन्चर देखा जा सकता है, जबकि दूसरा व्यक्ति स्वचालित राइफल से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर देता है।

जैसे ही रॉकेट दागा गया, मेयर के निजी सुरक्षा गार्डों ने भी तत्परता दिखाई और जवाबी कार्रवाई में फायरिंग शुरू की। सुरक्षाकर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण हमलावर अपनी वैन में सवार होकर मौके से फरार होने पर मजबूर हो गए।

मैगुइंदानाओ प्रांत का इतिहास लंबे समय से खून-खराबे और पारिवारिक रंजिशों से भरा रहा है। अम्पतुलन परिवार इस क्षेत्र का एक अत्यंत प्रभावशाली और शक्तिशाली राजनीतिक घराना माना जाता है। गौरतलब है कि इस परिवार का नाम पूर्व में हुए मागुइंदानाओ नरसंहार जैसे कुख्यात मामलों से भी जुड़ा रहा है। पुलिस के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, मेयर अकमाद अम्पतुलन पर हुआ यह हमला किसी पुरानी राजनीतिक दुश्मनी या आगामी चुनावों से पहले प्रतिद्वंद्वियों द्वारा शक्ति प्रदर्शन का परिणाम हो सकता है।

फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में कई विद्रोही गुट और अलगाववादी समूह भी सक्रिय हैं, जो अक्सर स्थानीय नेताओं को निशाना बनाते रहते हैं। हालांकि, आरपीजी जैसे युद्ध-स्तर के हथियारों का इस्तेमाल चिंता का एक बड़ा विषय है, क्योंकि यह क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी के गहरे नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

इस हमले ने फिलीपींस में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने चिंता व्यक्त की है कि यदि दिनदहाड़े एक मेयर के काफिले पर रॉकेट से हमला हो सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को तैनात कर दिया है और हमलावरों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलीपींस के दक्षिणी प्रांतों में लोकतंत्र और बंदूक की संस्कृति के बीच संघर्ष अभी थमा नहीं है।