Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेलीफिश बुढ़ापे के बाद बच्चा कैसे बन जाती है मेघालय में खूनी संघर्ष! GHADC चुनाव के दौरान भारी हिंसा, पुलिस फायरिंग में 2 की मौत; सेना ने संभाला ... CBI का अपने ही 'घर' में छापा! घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया अपना ही बड़ा अफसर; 'जीरो टॉलरेंस' नीति के ... Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले—... Bengal LPG Crisis: सीएम ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, घरेलू गैस की सप्लाई के लिए SOP बनाने का निर्देश; ... नोएडा के उद्योगों पर 'गैस संकट' की मार! फैक्ट्रियों में लगने लगे ताले, संचालकों ने खड़े किए हाथ; बोल... Just Married! कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने रचाई शादी; बिना किसी शोर-शराबे के लिए सात फेरे, देखें कपल... Lok Sabha News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सदन में ध्वनिमत से... होमुर्ज की टेंशन खत्म! भारत ने खोजा तेल आपूर्ति का नया 'सीक्रेट' रास्ता; अब खाड़ी देशों के बजाय यहाँ... Temple LPG Crisis: देश के बड़े मंदिरों में भोग-प्रसाद पर संकट, एलपीजी की किल्लत से थमी भंडारों की रफ...

अफ़ग़ानिस्तान में कुदरत का कहर अब भी जारी

बर्फबारी और बारिश से 61 की मौत

काबुल: अफ़ग़ानिस्तान इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। पिछले तीन दिनों से जारी भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश ने देश के विभिन्न हिस्सों में तबाही मचा रखी है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा शनिवार को साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन घटनाओं में अब तक कम से कम 61 लोगों की जान जा चुकी है। प्राकृतिक आपदा के कारण न केवल जानमाल का नुकसान हुआ है, बल्कि कई प्रांतों में मुख्य सड़कें और बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है।

अफ़ग़ानिस्तान आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश मौतें बुधवार और शुक्रवार के बीच मध्य और उत्तरी प्रांतों में हुई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 61 मौतों के अलावा कम से कम 110 लोग घायल हुए हैं। बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की बात करें तो लगभग 458 घर आंशिक या पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। भीषण ठंड और बर्फबारी से कुल 360 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

प्राधिकरण के प्रवक्ता ने एक वीडियो संदेश में बताया कि मौतों का मुख्य कारण घरों की छतों का गिरना और हिमस्खलन है। इसके अलावा, शून्य से नीचे गिरते तापमान के कारण कई लोगों की मौत पाले की वजह से हुई है। दक्षिण प्रांत कंधार से आई एक हृदयविदारक घटना में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण घर की छत गिरने से छह बच्चों की मौत हो गई।

इस आपदा ने अफ़ग़ानिस्तान के ऊर्जा संकट को और गहरा कर दिया है। उज्बेकिस्तान से बिजली आयात करने वाली एक मुख्य ट्रांसमिशन लाइन गुरुवार को क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 12 प्रांतों में अंधेरा छा गया है। राष्ट्रीय बिजली उपयोगिता कंपनी के अनुसार, तकनीकी टीमें मरम्मत के लिए तैयार हैं, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सालांग दर्रा भारी बर्फबारी के कारण बंद होने से वे प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुँच पा रही हैं। सड़कों के बंद होने से ग्रामीण इलाकों में रसद और सहायता पहुँचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

अफ़ग़ानिस्तान के लिए यह आपदा ऐसे समय में आई है जब देश पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान की 4 करोड़ से अधिक की आबादी में से लगभग आधी आबादी को इस वर्ष मानवीय सहायता की आवश्यकता होगी। विदेशी सहायता में कमी, बार-बार आने वाले भूकंप और सूखे जैसे कारकों ने देश की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। कृषि और पशुपालन पर निर्भर इस देश में भारी बर्फबारी ने न केवल इंसानों बल्कि मवेशियों और फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।