Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
चार सैनिकों के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा Election Counting 2026: सुरक्षा में कोई चूक नहीं! काउंटिंग सेंटर्स पर QR कोड सिस्टम लागू, बिना डिजिट... गिरफ्तार कर अपमानित करना जरूरी नहीः पवन खेड़ा Bengal Elections: '226 से ज्यादा सीटें जीतेंगे, बनेगी मां-माटी-मानुष की सरकार'; ममता बनर्जी का बड़ा ... Bareilly News: बरेली जिला अस्पताल में भारी बदहाली! एक बेड पर दो बच्चे, ओपीडी में घंटों इंतजार; गर्मी... हम परमाणु हमले की धमकी से नहीं डरे: राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री मोदी का मई में यूरोप दौरा Lucknow Airport: रनवे पर अचानक आया बंदर, पायलट ने लगाया इमरजेंसी ब्रेक; बाल-बाल बचे 132 यात्री डीआरडीओ अब अग्नि छह के लिए तैयार Supreme Court Alert: नाबालिग रेप पीड़िता मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त; स्वास्थ्य मंत्रालय को अवमानना...

छत्तीसगढ़ स्टील प्लांट ब्लास्ट: धमाके से दहला कारखाना, 7 मजदूरों की मौत; कई जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आज सुबह एक दर्दनाक घटना घटी. यहां बकुलाही (निपनिया) स्थित ‘रियल इस्पात’ स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए एक जोरदार धमाके ने 7 मजदूरों की जान ले ली. इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है. जानकारी के अनुसार, यह हादसा 22 जनवरी की सुबह तब हुआ जब फैक्ट्री में काम चल रहा था. अचानक स्पंज आयरन यूनिट में एक जोरदार विस्फोट हुआ.

धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट का एक हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में इसकी गूंज सुनाई दी. विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में चीख-पुकार मच गई और मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलते ही भाटापारा ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. कलेक्टर दीपक सोनी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया. अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं. घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है. आशंका जताई जा रही है कि कुछ और मजदूर अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

जांच के घेरे में सुरक्षा मानक

विस्फोट के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. प्रशासन ने पूरे प्लांट परिसर को सील कर दिया है और हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या यह तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा मानकों में बरती गई कोई बड़ी लापरवाही.