कामचटका में बर्फ का प्रलय
मॉस्कोः रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। हाल ही में आए भीषण बर्फीले तूफान ने सड़कों, कारों और पूरे के पूरे मोहल्लों को बर्फ की मोटी चादर के नीचे दबा दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि कई इलाकों में बर्फ की ऊंचाई बहुमंजिला इमारतों के बराबर पहुंच गई है, जिससे पूरा शहर एक सफेद मरुस्थल जैसा दिखने लगा है।
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मौसम विज्ञान एजेंसियों के अनुसार, यह पिछले कई दशकों के सबसे भारी बर्फीले तूफानों में से एक है। कई जिलों में बर्फ की गहराई दो मीटर से अधिक हो गई है—इतनी बर्फबारी 1970 के दशक की शुरुआत के बाद पहली बार देखी गई है। कामचटका क्राय की राजधानी, पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की, इससे सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
भारी बर्फबारी के कारण प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप है। लोग अपने घरों के बाहर निकलने के लिए बर्फ में सुरंगें खोदने को मजबूर हैं। कई जगहों पर घर के दरवाजे बर्फ से पूरी तरह ढक गए हैं, जिसके कारण लोग खिड़कियों के जरिए बाहर निकल रहे हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकाल घोषित कर दिया है।
इस आपदा में अब तक कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है। ये मौतें छतों से भारी बर्फ और बर्फ की सिलें गिरने के कारण हुईं, जिनके नीचे दबकर पीड़ितों ने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने निवासियों को छतों के पास न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त चेतावनी दी है।
सड़कों के बंद होने के कारण स्थानीय दुकानों में ब्रेड, दूध और अंडे जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई है। आपातकालीन कर्मचारी और भारी मशीनें चौबीसों घंटे सड़कों को साफ करने और अलग-थलग पड़े परिवारों तक सहायता पहुँचाने में लगे हुए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कामचटका में सर्दी आम बात है, लेकिन इस तूफान की तीव्रता अभूतपूर्व है, जो इस सीजन में रूस के विभिन्न हिस्सों में देखी जा रही चरम मौसमी घटनाओं का हिस्सा है।