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Manipur Rape Case: न्याय की गुहार लगाते थमीं पीड़िता की सांसें, 2.5 साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली; जानें क्या है पूरा मामला

मणिपुर में साल 2023 की शुरुआत में जातीय हिंसा शुरू हुई थी. इसी दौरान गैंगरेप 18 साल की युवती गैंगरेप का शिकार हुई थी, जिसकी 2 साल बाद मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो युवती को तीन साल पहले किडनैप किया गया था. इसी दौरान उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. इस घटना से युवती आज तक उबर नहीं पाई थी. इसी के कारण उसकी मौत हो गई. इस मामले के 3 साल बाद भी पुलिस और सीबीआई आरोपियों की पहचान भी नहीं कर पाई है. यही वजह है कि जांच पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

युवती के परिजनों ने बताया कि उस घटना के बाद वह आज तक उबर नहीं पाई थी. उसको कई शारीरिक चोटें आईं थीं. जो आज तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई हैं. युवती की इलाज के दौरान 10 जनवरी को गुवाहाटी में मौत हो गई.

युवती ने अपने साथ हुई इस घटना की शिकायत 21 जुलाई, 2023 को पुलिस को दी थी. इसमें बताया था कि हथियारबंद लोग उसे सफेद कार में किडनैप कर पहाड़ी इलाके में ले गए थे. यहां बारी-बारी से उसके साथ कई रेप की घटना को अंजाम दिया. हालांकि शिकायत दर्ज होने के एक महीने बाद ही यह केस CBI को सौंप दिया गया.

जातीय हिंसा के दौरान हुई थी गैंगरेप का शिकार?

मणिपुर में 2023 की शुरुआत में जातीय हिंसा की शुरुआत हुई थी. इस दौरान हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था. इसके साथ ही कई लोगों की जान भी गई थी. हिंसा के दौरान ही एक युवती का अपहरण किया गया था, अपहरण के दौरान उसका कई बार गैंगरेप किया गया.

कुकी समुदाय की यह युवती 3 साल बाद भी इस घटना को नहीं भूल पाई थी. यही वजह है कि उसका लगातार इलाज किया जा रहा था. गुवाहाटी में उसका इलाज किया जा रहा था. जहां उसकी मौत हो गई.

घटना के बाद युवती को शुरू में कांगपोकपी जिले के राहत कैंपों में ले जाया गया. इसके बाद में मेडिकल दिक्कतों के कारण गुवाहाटी शिफ्ट होने से पहले मणिपुर और नागालैंड के अस्पतालों में इलाज किया गया.

सीबीआई कर रही थी मामले की जांच

इस मामले में अब तक किसी भी पुलिस अधिकारी या फिर किसी भी टीम की तरफ से कोई डेवलपमेंट को लेकर जानकारी नहीं दी गई है. पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मामला दर्ज किया गया था. बाद में यह केस सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन यह अभी साफ नहीं है कि इस केस के सिलसिले में कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं हुई है.

महिलाओं के एक ग्रुप ने किया था युवती को किडनेप

इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने आरोप लगाया कि महिला को मैतई महिलाओं के ही एक ग्रुप ने किडनैप किया था. जिन्हें आमतौर पर मीरा पैबी कहा जाता है. जिसे बाद में मारने के निर्देश के साथ आरामबाई टेंगोल के सदस्यों को सौंप दिया गया. बयान में दावा किया गया कि उसे लैंगोल ले जाया गया, उसका यौन उत्पीड़न किया गया, और बाद में विष्णुपुर जिले में छोड़ दिया गया. ITLF ने कहा कि महिला हमले में बच गई. लेकिन, उसे गंभीर शारीरिक चोटें आईं.