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सीरिया की सेना कुर्द इलाको में आगे बढ़ी

भीषण युद्ध की आशंका से हजारों लोग घर छोड़कर भागे

तबकाः सीरिया में बशर अल-असद के पतन के बाद बनी नई व्यवस्था में एक बार फिर दरारें उभरने लगी हैं। शनिवार को सीरियाई सरकारी बलों ने देश के उत्तरी हिस्से में कुर्द नियंत्रण वाले क्षेत्रों में प्रवेश किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच भीषण संघर्ष शुरू हो गया है। इस सैन्य कार्रवाई ने उस नाजुक राजनीतिक समझौते को खतरे में डाल दिया है, जिसका उद्देश्य पूरे देश पर केंद्रीय नियंत्रण बहाल करना था।

सीरियाई सेना ने घोषणा की है कि उसने रक्का प्रांत में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तबका सैन्य हवाई अड्डे पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह हवाई अड्डा पहले कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के कब्जे में था। सरकारी सेना ने न केवल हवाई अड्डे, बल्कि पास के दो प्रमुख तेल क्षेत्रों—सफियान और अल-थौरा—और अल-रुसाफा जंक्शन पर भी कब्जा करने का दावा किया है।

रक्का शहर का इतिहास युद्ध की विभीषिका से भरा है। 2014 में इस्लामिक स्टेट ने इसे अपनी स्वघोषित खिलाफत की राजधानी बनाया था। अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के सहयोग से SDF ने इसे मुक्त कराया था, लेकिन तब से यह शहर कुर्द प्रशासन के अधीन रहा है। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब सीरियाई सेना ने उन क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना शुरू किया जो कथित तौर पर हालिया वापसी समझौते का हिस्सा नहीं थे।

एसडीएफ ने दमिश्क की नई सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा है कि सेना उन इलाकों पर हमला कर रही है जहाँ से उनकी वापसी तय नहीं हुई थी। जवाबी कार्रवाई में एसडीएफ ने रक्का प्रांत में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया है और अमेरिकी सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है।

पिछले साल बशर अल-असद को सत्ता से हटाए जाने के बाद, अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा की सरकार ने कुर्दों को सांस्कृतिक अधिकार और भाषा की मान्यता देने के लिए कई डिक्री जारी की हैं। हालांकि, कुर्द प्रशासन अपनी सैन्य और प्रशासनिक स्वायत्तता पूरी तरह खत्म करने के पक्ष में नहीं है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने सीरियाई सरकार से अलेप्पो और तबका के बीच सैन्य अभियान तुरंत रोकने का आग्रह किया है। अमेरिका को डर है कि इस आंतरिक संघर्ष से इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी लड़ाई कमजोर पड़ सकती है, क्योंकि एसडीएफ ही उन जेलों की सुरक्षा कर रहा है जहाँ हजारों आईएस आतंकवादी बंद हैं।