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पूर्व राष्ट्रपति को पांच साल के कैद की सजा

देश में मार्शल लॉ लगाने के मामले में आया फैसला

सिओलः दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व मोड़ पर, सियोल की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा दिसंबर 2024 में उनके द्वारा घोषित किए गए संक्षिप्त और विवादित ‘मार्शल लॉ’ (सैन्य शासन) के बाद हुई कानूनी कार्रवाइयों का पहला बड़ा परिणाम है।

इस फैसले ने न केवल दक्षिण कोरिया, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जज बैक डे-ह्युन ने यून को न्यायिक कार्यों में बाधा डालने, आधिकारिक दस्तावेजों के जालीकरण और सत्ता के दुरुपयोग का दोषी पाया।

अदालत ने कहा कि जब 3 दिसंबर 2024 को यून ने मार्शल लॉ लागू करने का प्रयास किया और बाद में उनकी गिरफ्तारी के वारंट जारी हुए, तो उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने सुरक्षा बलों को अपने निजी अंगरक्षकों की तरह इस्तेमाल कर जांचकर्ताओं को रोका, जो संविधान के विरुद्ध था।

यद्यपि वर्तमान सजा 5 साल की जेल है, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होती हैं। उन पर देशद्रोह और विद्रोह के अलग से गंभीर मुकदमे चल रहे हैं। अभियोजकों का आरोप है कि उन्होंने संसद को भंग करने और विपक्ष के नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की कोशिश की थी।

इन गंभीर मामलों में अभियोजन पक्ष ने मृत्युदंड या आजीवन कारावास की मांग की है। दक्षिण कोरिया में विद्रोह के मामले में मृत्युदंड का प्रावधान है। हालांकि, देश में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है, लेकिन अदालत का अगला फैसला (जो फरवरी में आने की उम्मीद है) यून के भविष्य के लिए निर्णायक होगा।

जज बैक ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यून ने राष्ट्रपति के रूप में संविधान की रक्षा करने की अपनी शपथ का अपमान किया। उन्होंने बिना कैबिनेट की पूरी सहमति के और उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना सैन्य शासन की घोषणा की थी, जिसने दक्षिण कोरिया के लोकतंत्र को संकट में डाल दिया था। यूएन के वकीलों का कहना है कि यह फैसला राजनीति से प्रेरित है और वे इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। इस घटनाक्रम ने पूरे देश में विरोध और समर्थन की लहरें पैदा कर दी हैं, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।