मिट जाने वाली स्याही के इस्तेमाल पर बोले नेता प्रतिपक्ष
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मुंबई में इस स्याही का इस्तेमाल
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यह एक सोची समझी साजिश है
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पहले अमिट स्याही का प्रयोग होता
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः चुनाव प्रक्रिया की शुचिता को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। हाल ही में हुए कुछ चुनावों के दौरान मिटने वाली स्याही के इस्तेमाल की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने इसे वोट की चोरी करार दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र में जनता के मत के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना एक राष्ट्रविरोधी कृत्य है, क्योंकि यह देश की लोकतांत्रिक बुनियाद को कमजोर करता है।
राहुल गांधी का आरोप है कि कुछ विशेष क्षेत्रों में ऐसी स्याही का उपयोग किया गया जिसे मतदान के तुरंत बाद मिटाया जा सकता था, जिससे फर्जी मतदान की संभावना बढ़ गई। उन्होंने इस मुद्दे को केवल तकनीकी खराबी नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश बताया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मांग की है कि चुनाव आयोग को इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में केवल उच्च गुणवत्ता वाली अमिट स्याही का ही प्रयोग हो, जिसका निर्माण मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड जैसी विश्वसनीय संस्थाओं द्वारा किया जाता है।
इस विवाद ने एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट हर नागरिक की ताकत है और अगर इस ताकत को धोखे से छीना जाता है, तो यह संविधान के खिलाफ युद्ध के समान है। सरकार की ओर से हालांकि इन आरोपों को निराधार बताया गया है, लेकिन मिटने वाली स्याही का मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक रैलियों में जोर-शोर से गूंज रहा है। चुनाव आयोग के लिए यह साख का सवाल बन गया है कि वह कैसे मतदाताओं को यह विश्वास दिलाए कि उनकी उंगली पर लगा निशान और उनका दिया गया वोट दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्थायी हैं।