Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... देश की नौकरशाही पर लगाम कसने की नई चाल Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... शंकराचार्य मुद्दे पर योगी और केशव मौर्य की तल्खी Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... तेजस्वी यादव राजद के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

फर्जी बैंक गारंटी और करोड़ों का खेल! FIR में बड़ा खुलासा— कैसे अफसरों और ठेकेदारों ने मिलकर किया जनता के पैसों का ‘बंदरबांट

गिरिडीहः एक तरफ ईडी के जलापूर्ति घोटाले की जांच से झारखंड में बवाल मचा हुआ है तो दूसरी और फर्जी बैंक गारंटी से योजना का टेंडर लेने वाले पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. हम बात कर रहे हैं जिले के एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना के संदर्भ में. जिसमें जल जीवन मिशन के तहत हर एक ग्रामीण घर, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में नल के माध्यम से जल पहुंचाया जाना है.

दरअसल जिले के विभिन्न पंचायतों में एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर होती रही है. इसी गड़बड़ी के बीच इस बार दिसंबर माह में ही विभाग की तरफ से नगर थाना में कार्यपालक अभियंता राहुल श्रीवास्तव ने लिखित आवेदन देकर बुद्धा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रॉपराइट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इस प्राथमिकी का अवलोकन करने पर कई चौकाने वाली बातें सामने आयी हैं.

प्राथमिकी में दर्ज बातों का जिक्र करें तो यह साफ हुआ कि ठेकेदार ने विभाग के कुछ कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत से अलग ही खेल कर दिया. जिले के विभिन्न प्रखंड में एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना (पेयजलापूर्ति योजना) का काम उक्त संवेदक को मिला था वह भी 1 करोड़ 30 लाख के फर्जी बैंक ड्राफ्ट की बदौलत. इतना ही नहीं टेंडर लेने के बाद थोड़ा बहुत काम किया गया और फिर संवेदक के द्वारा मोटी रकम की निकासी भी कर ली गई. निकासी के बाद से संवेदक लापता हो गया.

विभाग के अधिकारी की मिलीभगत!

यहां बता दें कि किसी भी टेंडर को लेने से पहले संवेदक के द्वारा बैंक गारंटी दी जाती है. इसमें बैंक की एफडी/किसान विकास पत्र / टीडीपी जैसे प्रमाण पत्र होते हैं. बैंक के द्वारा जारी यह वित्तीय दस्तावेज यह प्रमाणित करता है कि बोली लगाने वाला, टेंडर की शर्तों और अनुबंध को पूरा करेगा. यही बैंक सिक्योरिटी विभाग को वित्तीय सुरक्षा उस वक्त प्रदान करता है जब संवेदक काम पूरा किए बगैर भाग जाता है.

यहां बड़ी बात है कि जब भी टेंडर की बोली लगती है तो विभागीय अधिकारी टेंडर फाइनल करने से पहले बोली लगाने वाले के द्वारा दी गई बैंक गारंटी का सत्यापन करवातें हैं. यह चेक किया जाता है कि बोली लगाने वाले ने डिपार्टमेंट को जो फिक्स्ड डिपॉजिट या टर्म डिपॉजिट जमा किया है, वह असली है या नकली.

नगर थाना में दर्ज एफआईआर यह बताती है कि बुद्धा कंस्ट्रक्शन को दिए गए टेंडर से पहले बैंक गारंटी का सत्यापन करवाया ही नहीं गया और बैंक सत्यापन के बगैर ही टेंडर फाइनल कर दिया गया. एफआईआर यह भी बताती है कि इस पूरे प्रकरण में उस वक्त के अधिकारियों की मिलीभगत रही होगी तभी इस तरह की गड़बड़ी संभव हो सकी.

जांच के बाद एफआईआर का निर्णय

कार्यपालक अभियंता ने नगर थाना में जो एफआईआर दर्ज करवाई है उसमें कहा है कि ‘रवि शंकर मौर्या (प्रोपराइटर एमएस बुद्धा कंस्ट्रक्शन) बक्सर बिहार के द्वारा इस प्रमंडल के अंतर्गत निम्न इकरारनामा के तहत एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना अंतर्गत कार्य आवंटित किया गया था. जिसमें संवेदक द्वारा जमानत की राशि के रूप में एफडी /टीडीपी जमा की गई है. कार्यालय अभिलेख से मिलान एवं जांच करने पर उक्त एफडी एवं टीडीपी के नकली होने के संदेह पर बिहार ग्रामीण बैंक, जिला-बक्सर (बिहार) एवं सब पोस्ट मास्टर, धनसोई, बक्सर, के द्वारा जांच करायी गई. बैंक एवं पोस्ट ऑफिस द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन के द्वारा स्पष्ट हो गया कि संवेदक द्वारा जमा की गई एफडी / टीडीपी नकली है. मुझे पूर्ण विश्वास है कि संवेदक द्वारा आपराधिक षड्यंत्र के तहत नकली TDP एवं FD जमा कर सरकारी राशि का गबन किया गया’.

ईटीवी भारत लगातार करता रहा खबर का प्रकाशन

यहां बताना महत्वपूर्ण है कि एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना में जनता की राशि का बंदरबाट करने की खबर को ईटीवी भारत लगातार प्रकाशित करता रहा है. बुद्धा कंस्ट्रक्शन ने ही गांडेय के बुधुडीह में जलापूर्ति का काम किया था. इस पंचायत में योजना की स्थिति से जुड़ी खबर ईटीवी भारत ने सबसे पहले 19 जुलाई 2024 को प्रकाशित की थी. ‘टोटी से गिरा नहीं पानी साइट पर चढ़ गया लाभुक का नाम, जांच करने आए अधिकारी ग्रामीण का ही उड़ा देते हैं मजाक’ इस शीर्षक से प्रकाशित खबर गांडेय के बुधुडीह, कारिबांक और झरघट्टा पंचायत से जुड़ी हुई थी. इसके बाद देवरी के 30 जुलाई 2024 को ‘ जल जीवन मिशन में लूट, त्रस्त जनता कर रही है सख्त कार्रवाई की मांग’ इस शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई जो झारखंड – बिहार की सीमा क्षेत्र में अवस्थित देवरी के गुनियाथर पंचायत से जुड़ी हुई थी. इसके अलावा कई खबरों का प्रकाशन ईटीवी भारत ने किया था.

जुलाई 2024 में निलंबित हो गए थे तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर

यहां बता दें गिरिडीह में योजना में हुई गड़बड़ी को सरकार ने गंभीरता से लिया था और 25 जुलाई 2024 को पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या एक के उस वक्त के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) कुमार नीरज को निलंबित कर दिया था. उस वक्त यह आदेश सरकार के विशेष सचिव ने जारी किया था. कार्रवाई लगातार मिल रही गड़बड़ी की शिकायत पर हुई जांच के उपरांत की गई थी.

‘पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या एक के कार्यपालक अभियंता राहुल श्रीवास्तव द्वारा नगर थाना में कांड संख्या 303/2025 दर्ज कराया गया है. जिसमें इस बात का उल्लेख है कि बुद्ध कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर के द्वारा नकली टीडीपी और एफडी जमा कर सरकारी राशि का गबन किया गया है. कांड का अनुसंधान चल रहा है. जैसा पाया जाएगा उसपर समुचित कार्रवाई की जाएगी.’ नीरज कुमार सिंह, डीएसपी, मुख्यालय