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तुर्किए ने अपने प्रतिशोध के लिए सीरिया को उकसाया

सरकारी सेना कुर्दों के खिलाफ बल प्रयोग करे

अंकाराः तुर्किए की हालिया चेतावनी ने सीरियाई संघर्ष के एक नए और संभावित रूप से अधिक घातक चरण की ओर इशारा किया है। अंकारा द्वारा जारी इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान उत्तर-पूर्वी सीरिया की ओर खींच लिया है, जहाँ कूटनीतिक समीकरण हर बीतते दिन के साथ जटिल होते जा रहे हैं। तुर्किए का दावा है कि दमिश्क स्थित सीरियाई सरकार कुर्द समूहों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को वापस पाने के लिए एक बड़े सैन्य अभियान की रूपरेखा तैयार कर चुकी है।

सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार ने पिछले एक दशक से चल रहे गृहयुद्ध के दौरान बार-बार यह दोहराया है कि उनका अंतिम उद्देश्य सीरिया की संप्रभुता को देश के हर इंच पर बहाल करना है। वर्तमान में, उत्तर-पूर्वी सीरिया का एक बड़ा हिस्सा कुर्द नेतृत्व वाले प्रशासन और सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के नियंत्रण में है। तुर्किए के अनुसार, सीरियाई सेना अब अपनी सैन्य शक्ति को पुनर्गठित कर रही है ताकि इन क्षेत्रों को कुर्द लड़ाकों से वापस छीना जा सके। यह आक्रामक रुख सीरियाई गृहयुद्ध की राख को फिर से सुलगा सकता है।

तुर्किए के लिए यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। एक तरफ, अंकारा खुद कुर्द समूहों को अपने देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा और प्रतिबंधित आतंकी संगठन पीकेके का विस्तार मानता है। दूसरी तरफ, वह अपनी सीमा पर सीरियाई सेना की सीधी कार्रवाई और उससे उत्पन्न होने वाली अस्थिरता को लेकर भी चिंतित है।

तुर्किए को डर है कि यदि बड़े पैमाने पर सैन्य बल का प्रयोग होता है, तो हिंसा के कारण लाखों लोग तुर्किए की सीमा की ओर पलायन कर सकते हैं, जिससे पहले से ही दबाव झेल रही तुर्किए की अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर और बोझ पड़ेगा। युद्ध की स्थिति में सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

उत्तर-पूर्वी सीरिया का मुद्दा केवल दमिश्क और कुर्दों के बीच नहीं है, बल्कि यह बड़ी वैश्विक शक्तियों के बीच टकराव का बिंदु भी है। कुर्द समूहों को लंबे समय से अमेरिका का समर्थन प्राप्त है, खासकर इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में। अमेरिका की मौजूदगी यहाँ दमिश्क के लिए एक बड़ी बाधा रही है। ये दोनों देश सीरियाई सरकार के प्रमुख सहयोगी हैं और देश के पुनर्गठन में दमिश्क की सहायता कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीरियाई सरकार इस सैन्य कार्रवाई को अंजाम देती है, तो यह न केवल कुर्द प्रशासन के अस्तित्व को खतरे में डाल देगा, बल्कि तुर्किए, रूस और अमेरिका के बीच एक नया कूटनीतिक गतिरोध भी पैदा कर देगा। तुर्किए ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के पास किसी भी ऐसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा जो उसकी सुरक्षा या सामाजिक ढांचे को प्रभावित करे। आने वाले सप्ताह इस क्षेत्र की स्थिरता के लिए निर्णायक साबित होने वाले हैं।