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ईरान-इजरायल युद्ध की आहट ने उड़ाई वादी की नींद: ‘हॉस्टल में कैद हैं हमारे बच्चे’, वतन वापसी के लिए माता-पिता की चीख

ईरान में हालात तेजी से नाजुक होते जा रहे हैं. एक ओर कई दिनों से प्रदर्शनकारी ईरानी सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस देश पर हमला करने की बात कर रहे हैं. मध्य पूर्व में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. ईरान में एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं. बिगड़ते हालात के बीच इस देश में पढ़ाई करने गए भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर उनके परिजन बेहद परेशान हैं और उनकी सुरक्षित निकासी के लिए केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

मध्य पूर्व के संकटग्रस्त देश ईरान में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों के माता-पिता ने वहां के तनाव को देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से अपने बच्चों को वापस लाने की अपील की है. बच्चों को लेकर चिंतित कई माता-पिता सरकार से दखल देने की गुहार लगाने के लिए श्रीननगर के प्रेस एन्क्लेव में एकत्र हुए और मदद करने की अपील की.

PM मोदी, विदेश मंत्री से हमारी अपील

एक अभिभावक ने पत्रकारों से कहा, “हम प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से छात्रों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने की अपील करते हैं.”

उन्होंने यूक्रेन और ईरान जैसे देशों में पहले किए गए सफल ऑपरेशनों को याद करते हुए सरकार की सुरक्षित निकालने की क्षमता पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा, “हम केंद्र सरकार के पिछले समय में छात्रों को दिए गए समर्थन के लिए आभारी हैं. हमें यकीन है कि सरकार स्थिति को उस हद तक नहीं पहुंचने देगी जब बच्चों को किसी तरह का नुकसान हो और वह उनके वहां से निकलने की व्यवस्था जल्दी कर देगी.”

‘वहां इंटरनेट बंद तो टिकट कैसे भेजें’

माता-पिता का कहना है कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों को खुद ही देश छोड़ने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, “वे छात्रों से अपने माता-पिता से संपर्क करने और खुद ही यात्रा का इंतजाम करने के लिए कह रहे हैं. हम अपने बच्चों से ISD कॉल के जरिए संपर्क कर सकते हैं, लेकिन बड़ी मुश्किल से यह हो पा रहा है.” उन्होंने कहा कि हम केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों के अधिकारियों से उनके सुरक्षित निकालने में मदद करने की अपील करते हैं.

वहां के हालात को देखते हुए एक चिंतित अभिभावक ने तुरंत सरकारी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “हम बहुत ही चिंतित हैं और यह चाहते हैं कि सरकार बच्चों की वैसे ही निकासी करे जैसा उसने पहले किया था.”

एक कश्मीरी छात्र की मां ने ईरान में इंटरनेट बंद होने के कारण माता-पिता को यात्रा टिकट भेजने में हो रही मुश्किल पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “मैं सरकार से छात्रों को वहां से निकालने की अपील करती हूं. अगर हम उनके लिए टिकट बुक भी कर लेते हैं, तो भी इंटरनेट बंद होने की वजह से हम उन्हें भेज नहीं सकते. यह उनके लिए लगभग नामुमकिन है. उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकाला जाना चाहिए.”