सीमा पार से लगातार ड्रोन आने से सतर्क है सेना
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जम्मू कश्मीर में ड्रोन की घुसपैठ
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अब तक आठ ड्रोन देखे जा चुके हैं
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फोन पर पाकिस्तान को बताया गया है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः नई दिल्ली में 15 जनवरी को मनाए जाने वाले सेना दिवस से पूर्व आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं। सेना प्रमुख ने मंगलवार को बताया कि भारत ने पाकिस्तान के सैन्य संचालन प्रमुख को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपनी ओर से होने वाली ड्रोन घुसपैठ को तुरंत नियंत्रित करे। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ महीनों में दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में भारतीय कश्मीर की सीमा पर रविवार शाम को ही पांच ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गईं। जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि शनिवार से अब तक कम से कम आठ संदिग्ध ड्रोन देखे जा चुके हैं। सेना प्रमुख का मानना है कि ये मुख्य रूप से रक्षात्मक ड्रोन हो सकते हैं, जिनका उद्देश्य यह देखना है कि भारतीय सेना सीमा पर क्या कार्रवाई कर रही है। हालांकि, उन्होंने इस आशंका से भी इनकार नहीं किया कि ये ड्रोन भारतीय सेना की सतर्कता में किसी संभावित कमी या छेद की तलाश में हो सकते हैं, जिसका फायदा उठाकर आतंकवादियों को भारतीय सीमा में धकेला जा सके।
जनरल द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को दोनों देशों के सैन्य संचालन निदेशकों के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान भारत ने अपना सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बार-बार होने वाली ये घुसपैठें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। भारत ने पाकिस्तान से इन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने को कहा है। सेना प्रमुख ने आश्वासन दिया कि भारतीय सेना सीमा पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रही है और आधुनिक तकनीक व बेहतर निगरानी के जरिए इन ड्रोनों का मुकाबला किया जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से होने वाली इस तरह की तकनीकी घुसपैठ ने सीमा प्रबंधन के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं, जिससे निपटने के लिए सेना अब एंटी-ड्रोन सिस्टम को और अधिक प्रभावी बना रही है।