Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अटारी बॉर्डर पर BSF का बड़ा एक्शन: संदिग्ध घुसपैठिया गोलीबारी में ढेर, राष्ट्रीयता की जांच जारी जालंधर जिमखाना क्लब चुनाव पर सस्पेंस: 23 की जगह 30 अगस्त को हो सकती है वोटिंग, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जा... पंजाब विधानसभा चुनाव में एलजेपी का बड़ा दांव: सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी पार्टी, हर सोमवार पंजाब ... कपूरथला के काला संघियां में दहशत: कपड़ा कारोबारी की दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, CCTV में कैद हुई वार... रूस ने खुले तौर पर जर्मनी को घटना के लिए आगाह किया नार्को आतंकवादियों का खात्मा कर देंगेः एस्प्रीएला भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर रैंक का अफसर गिरफ्तार हिंद महासागर में फिर से नजर आया बादलों का विशाल जमावड़ा पुलिस ज्यादती पर गृह मंत्री और चंदा चोरी पर पीएम बयान दें बटाला ग्रेनेड हमला मामला: पंजाब पुलिस की बड़ी सफलता, ISI-BKI मॉड्यूल का तीसरा आतंकी करनजीत उर्फ 'बच्...

दिल्ली पुलिस का ‘मेगा प्रहार’: 48 घंटे, 854 गिरफ्तार… ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ से पाताल तक कांपे अपराधी

दिल्ली पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ चलाया. इस विशेष अभियान के जरिए अपराध की दुनिया में एक्टिव गैंग्स, उनके गुर्गों और नेटवर्क पर करारा प्रहार किया गया. 48 घंटे तक चले इस मेगा ऑपरेशन में 854 अपराधियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 280 कुख्यात गैंगस्टर्स शामिल हैं.

दिल्ली पुलिस की ओर से चलाया गया यह अभियान न केवल राजधानी तक सीमित रहा, बल्कि दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई पुलिस के अनुसार, जिन 854 अपराधियों को हिरासत में लिया गया है, उनमें कुछ नाबालिग भी हैं. पुलिस के अनुसार, ये सभी अपराधी रंगदारी, हत्या, फिरौती, ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और संगठित अपराध की अन्य गतिविधियों में संलिप्त थे.

4,299 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

ऑपरेशन गैंग बस्ट को सफल बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 9,000 पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया था. इन विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों में कुल 4,299 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. ऑपरेशन के दौरान 6,500 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसके आधार पर कई बड़े आपराधिक नेटवर्क और उनके संपर्कों का खुलासा हुआ है.

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य गैंगस्टर्स, शूटर्स, ड्रग तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों की पूरी चेन को तोड़ना था. खासतौर पर उन नेटवर्क को निशाना बनाया गया, जो जेल या विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर्स के इशारों पर वारदातों को अंजाम दिलाते थे.

भारी मात्रा में अवैध सामग्री भी बराम

पुलिस ने इस अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध सामग्री भी बरामद की है. इसमें करीब 300 अत्याधुनिक हथियार, 130 कारतूस, लगभग 25 लाख रुपये नकद और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये बरामदगी इस बात का संकेत है कि गैंगस्टर्स किस तरह संगठित होकर अपराध को अंजाम दे रहे थे.

इस अभियान के दायरे में लॉरेंस बिश्नोई, हिमांशु भाऊ, रोहित गोदारा, नीरज बवानिया, काला जठेड़ी और जितेंद्र गोगी गैंग से जुड़े गुर्गे और मददगार भी निशाने पर रहे. पुलिस का दावा है कि ऑपरेशन गैंग बस्ट ने इन गैंग्स की कमर तोड़ दी है. दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह मुहिम यहीं नहीं रुकेगी. आने वाले दिनों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.