कांग्रेस अपनी पुरानी ही मांग पर अड़ी हुई हैः जयराम रमेश
बड़ी बड़ी डींगें हांका करते थे दोनों
अब कायरों की तरह सदन से गायब
इन दोनों को ही देश को जवाब देना होगा
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी उस समय और तेज हो गई जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला। शनिवार को कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की संसद का कामकाज पिछले 15 दिनों से लगातार पूरी तरह से बाधित है और दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। पार्टी का सीधा और गंभीर आरोप है कि संसद के इस लगातार गतिरोध के लिए सीधे तौर पर सरकार की तानाशाही और जवाबदेही से भागने की प्रवृत्ति जिम्मेदार है।
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात इसलिए पैदा हुए हैं क्योंकि देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह में शिक्षण संस्थानों और सड़कों पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस बर्बरता और ज्यादती के मामलों पर संसद के भीतर सांसदों के तीखे सवालों का सामना करने की जरा भी हिम्मत नहीं बची है। इसके साथ ही पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र हालिया ‘चंदा चोरी’ के अत्यंत गंभीर और संवेदनशील राजनीतिक मुद्दे पर भी अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है, जिससे सरकार की मंशा पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस पार्टी के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद तीखा और आक्रामक पोस्ट साझा किया। अपने इस पोस्ट में उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाली और शेखी बघारने वाली यह सत्ताधारी जोड़ी अब देश की जनता के सामने पूरी तरह से कायर के रूप में बेनकाब हो चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब देने से बच रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर यह भी गंभीर आरोप लगाया कि वह संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर अपनी जवाबदेही तय करने से लगातार भाग रही है और देश के आम नागरिकों तथा युवाओं से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय पूरी तरह से मौन साधे बैठी है। विपक्षी दल के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का यह दौर और अधिक तीव्र होने की पूरी संभावना है।