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विपुल गोयल ने भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध मुहिम को किया तेज, सोनीपत में 8 कर्मियों को किया गया चार्जशीट

चंडीगढ़:  हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने शहरी निकायों में भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध मुहिम को तेज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने इस क्रम में सबसे पहले राज्य के उन जिलों को लिया है, जहां से आए दिन शिकायतों का अंबार लगा हुआ है, छोटे-छोटे कामों के लिए कर्मियों द्वारा उन्हें चक्कर कटवाए जाते हैं। इस क्रम में सबसे पहले सोनीपत नगर निगम में गाज गिरी है।

सोनीपत नगर निगम को लेकर पानीपत निगम कमिश्नर की ओर से जांच पड़ताल का काम किया गया था। उन्होंने जांच रिपोर्ट सौंपी तो, मंत्री ने सभी के विरुद्ध तुरंत एक्शन लेते हुए पहले तीन के निलंबन आदेश जारी कर दिए बाद में एक  लेखाधिकारी सुनील कुमार हुड्डा और एक सहायक महिला निशा को भी निलंबित कर दिया गया है। यहां पर बता दें कि जनवरी के अंत में इनके विरुद्ध एक्शन लिया गया है। पहले जहां शिकायतों के आधार पर तीन जेई पर निलंबन की गाज गिरी थी। वहीं अब सहायक महिला कर्मचारी निशा और लेखाधिकारी सुनील कुमार को भी मंत्री ने निलंबित कर दिया है।

भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि नाराज मंत्री ने जिन जिन जिलों से ज्यादा शिकायतें आ रही है। उनको अलग से सूचीबद्ध करने और जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अफसर के साथ में तकनीकी टीम जोड़कर जांच करने की रणनीति तैयार की गई है। शहरी निकायों से भ्रष्टाचार को कम करने और दागियों को कड़ा शिकंजा कसने के क्रम में कई कदम उठाने के तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि सोनीपत निगम में पांच को निलंबित करने के बाद में अब बाकी जिलों में नूंह मेवात, गुरुग्राम, यमुना नगर झज्जर, पानीपत जैसे जिलों से लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं। मंत्री ने इन जिलों में भी गत पांच साल की जांच पड़ताल करने व कार्रवाई के संकेत दिए हैं।पहले एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई जाएगी और उसके बाद में दोषियों पर गाज गिराने की तैयारी है।

यहां पर बता दें कि अब से पहले सोनीपत में 8 कर्मियों को चार्जशीट भी थमा दी गई है। मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे भ्रष्टाचार में शामिल एक भी कर्मचारी और अधिकारी को बख्शेंगे नहीं भले ही वो कितना भी रसूखदार हो। जल्द ही जिलों में कमेटी गठित हो जाएंगी जो जांच का काम तेजी के साथ में करेंगी। तकनीकी तौर पर दक्ष कर्मियों और अधिकारियों को शामिल कर टीम गठित करने के साथ ही जांच पड़ताल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी ज्यादा शिकायतों वाले जिलों को प्राथमिकता से लिया जाएगा। मंत्री का कहना है कि इस क्रम में सबसे पहले ट्रायल के तौर सोनीपत जिले को लिया गया था।