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किसानों ने उतारे सारे कपड़े, केले के पत्ते लपेट बताया- सरकार उन्हें ऐसे देखना चाहती है

बुरहानपुर : खकनार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के पांगरी गांव में मध्यम सिंचाई पांगरी बांध परियोजना का विरोध थमने का नाम नही ले रहा. प्रभावित किसानों ने आदि मानव आंदोलन किया. उचित मुआवजे की मांग को लेकर बीते 3 साल से किसानों ने मोर्चा खोल रखा है. सरकार का ध्यान आकर्षित करने के मकसद से किसानों ने विरोध के कई तरीके अपनाए. किसानो का आरोप है कि लगातार प्रदर्शन के बावजूद अब तक सरकार ने सुध नहीं ली.

किसानों का आदिमानव आंदोलन

इस बार फिर प्रभावित किसानों ने आदि मानव बनकर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया. किसानों ने निर्वस्त्र होकर शरीर पर केले के पत्ते लपेटे, सिर पर भी पत्तों की टोपी पहनी और फिर नारेबाजी कर सरकार को जगाने का प्रयास किया. किसानों का कहना है कि पिछले 3 वर्षों से दोगुने मुआवजा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सुनवाई नहीं होने पर अब ये तरीका अपनाना पड़ा है. आदि मानव आंदोलन का तरीका अपनाकर किसानों ने बताया कि सरकार उन्हें इसी रूप में लाने की जिद पर है.

भूमि अधिग्रहण कानून से खिलवाड़ का आरोप

किसानों ने कहा कि सरकार न्यूनतम मुआवजा देकर उन्हें आदिमानव जैसी स्थिति में धकेल रही है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रवि कुमार पटेल ने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 राइट टू लाइफ विद डिग्निटी और संविधान के अनुच्छेद 300A का हवाला देते हुए न्यायसंगत मुआवजे की मांग रखी. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कन्नी काटी

किसान डॉ. रवि कुमार पटेल ने बताया “भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में दोगुना मुआवजा का अधिकार है, जो उन्हें मिलना चाहिए.” किसान नंदू पटेल ने बताया “सरकार चाहती है कि किसान आदिमानव हो जाएं, किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई है. लेकिन सरकार न्यूनतम मुआवजा दे रही है, अगर सरकार का यही रवैया रहा तो विवश होकर उग्र आंदोलन करना होगा.”

वहीं, इस मामले में सवाल पूछने पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कन्नी काट ली. उन्होंने अन्य बांध परियोजना के लाभ बताते हुए पल्ला झाड़ लिया.

जीतू पटवारी ने बोला मोहन यादव सरकार पर हमला

बुरहानपुर में किसानों के प्रदर्शन पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा “एक ओर किसान अर्धनग्न होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, दूसरी ओर मोहन यादव सरकार इवेंटबाजी में व्यस्त है. इन्हीं किसानों से देश की थाली भरती है. किसानों को इस तरह प्रताड़ित करना निंदनीय है. सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और किसानों को उनके हक का पूरा मुआवजा दे.”

बीजेपी सरकार केवल बातें बड़ी-बड़ी करती है

बुरहानपुर के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन जिलाध्यक्ष हेमंत पाटिल ने कहा “भाजपा सरकार का शुरू से सिद्धांत रहा है, बातें बड़ी-बड़ी करती हैं, जमीन पर हकीकत कुछ ओर रहती है. पांगरी बांध परियोजना का मामला चल रहा है, प्रभावित किसान बीते 3 वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे है, लेकिन सरकार कुम्भकर्णी नींद में सो रही है.”

किसानों को 4 गुना तक मिलना चाहिए मुआवजा

भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर जबलपुर के भारतीय किसान संघ के नेता राघवेंद्र पटेल का कहना है “2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में सरकार ने जमीन के दाम का 4 गुना तक मुआवजा देने की बात कही है लेकिन मध्य प्रदेश केवल दो गुना मुआवजा दे रहा है. सरकार को चाहिए कि गुजरात की ही तरह विकास परियोजनाओं में जिन किसानों की जमीन जा रही है उन्हें 4र गुना तक मुआवजा दिया जाए.”