बांग्लादेश में तमाम कोशिशों के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं
ढाकाः पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजधानी ढाका एक बार फिर राजनीतिक हिंसा से दहल उठी है। मंगलवार की रात ढाका के व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र, कारवान बाजार इलाके में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की स्वयंसेवी शाखा, ‘स्वेच्छासेवक दल’ के एक कद्दावर नेता अजीजुर रहमान मुसाबिर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुसाबिर ढाका सिटी उत्तर स्वेच्छासेवक दल के पूर्व महासचिव के रूप में सक्रिय थे और पार्टी के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हमला रात करीब 8:40 बजे कारवान बाजार में काजी नजरुल इस्लाम एवेन्यू पर स्थित स्टार होटल के पास हुआ। हमलावरों ने अचानक मुसाबिर और उनके साथी सूफियान ब्यापारी मसूद को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
गोलीबारी के तुरंत बाद मुसाबिर को गंभीर हालत में पंथपथ स्थित बीआरबी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तेजगांव जोन के अतिरिक्त उप-पुलिस आयुक्त फजलुल करीम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हमले में मसूद भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका वर्तमान में ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आपातकालीन विभाग में इलाज चल रहा है। मसूद तेजगांव थाना वैन श्रमिक संघ के महासचिव बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक आक्रोश और विरोध प्रदर्शन इस जघन्य हत्याकांड की खबर फैलते ही बीएनपी समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के कुछ ही देर बाद कारवान बाजार चौराहे पर लगभग 200 से अधिक बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम जमा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल ढाका के मुख्य व्यापारिक क्षेत्र में इस तरह की वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। बीएनपी के स्थानीय नेताओं ने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक हत्या करार दिया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है। यह घटना बांग्लादेश में जारी अस्थिर राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती है।