Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात से रिश्तों को मिली नई मजब... अब सस्ता होगा आपका डेली लंच: स्विगी और ज़ोमैटो की 'वैल्यू मील' स्ट्रैटेजी से बदलेगी फूड डिलीवरी की द... Instagram Child Exploitation Case: मेटा के जवाब की जांच शुरू, IT मंत्रालय का बड़ा एक्शन Fingernail Lunula Meaning: नाखूनों पर बने सफेद अर्धचंद्र से जानें अपना भविष्य और भाग्य प्रेगनेंसी में जरूरी पोषण: स्वस्थ मां और बेबी के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 सुपरफूड्स केन्या का विलवणीकरण प्लांट का वन्यजीवन में सहयोग ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा: CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, MCD अधिकारियों को मिली बड़ी राहत Lucknow-Kanpur Expressway: आम जनता के लिए खुला 6-लेन एक्सप्रेस-वे, 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी गाड़... Ghazipur Crime News: जेवर और पैसों के विवाद में दादी बनी कातिल, मासूम पोते की गला दबाकर हत्या महाकाल मंदिर: सावन और भादौ मास में बदली आरती दर्शन की व्यवस्था, अब और अधिक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

नये केंद्रीय बैंक गर्वनर की नियुक्ति की

ईरान की सरकार अब आंदोलन से भयभीत नजर आयी

तेहरानः ईरान में गहराते आर्थिक संकट और मुद्रा के ऐतिहासिक अवमूल्यन के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और वित्तीय अस्थिरता के दबाव में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के मंत्रिमंडल ने अनुभवी अर्थशास्त्री और पूर्व अर्थशास्त्र मंत्री अब्दुलनासिर हम्मती को सेंट्रल बैंक ऑफ द इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का नया गवर्नर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल अपनी सबसे खराब स्थिति से गुजर रही है।

हम्मती की नियुक्ति मोहम्मद रज़ा फ़र्ज़िन के इस्तीफे के बाद हुई है। फ़र्ज़िन ने पिछले रविवार को तब पद छोड़ दिया जब देश में मुद्रा की गिरती कीमतों को लेकर पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े और उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। आंकड़ों की दृष्टि से देखें तो ईरान की अर्थव्यवस्था में गिरावट की स्थिति भयावह है। वर्ष 2022 में जब फ़र्ज़िन ने पदभार ग्रहण किया था, तब एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 4,30,000 रियाल थी। आज वही दर रिकॉर्ड स्तर पर गिरकर 13.8 लाख रियाल तक पहुंच गई है।

इस भारी अवमूल्यन ने देश में महंगाई को चरम पर पहुँचा दिया है। वर्तमान में ईरान लगभग 40 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर का सामना कर रहा है, जिसने आम जनता की कमर तोड़ दी है। इस आर्थिक दबाव के विरोध में तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों के व्यापारियों और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया।

सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी के अनुसार, नए गवर्नर अब्दुलनासिर हम्मती के सामने चुनौतियों का पहाड़ है। उनके प्राथमिक लक्ष्यों में बेकाबू मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना, रियाल की कीमत को स्थिर करना और बैंकिंग क्षेत्र में व्याप्त पुराने कुप्रबंधन को सुधारना शामिल है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान के लिए ये लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। घरेलू राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक दबाव के बीच हम्मती की यह नई पारी ईरान के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक मानी जा रही है।