ईरान की सरकार अब आंदोलन से भयभीत नजर आयी
तेहरानः ईरान में गहराते आर्थिक संकट और मुद्रा के ऐतिहासिक अवमूल्यन के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और वित्तीय अस्थिरता के दबाव में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के मंत्रिमंडल ने अनुभवी अर्थशास्त्री और पूर्व अर्थशास्त्र मंत्री अब्दुलनासिर हम्मती को सेंट्रल बैंक ऑफ द इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का नया गवर्नर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल अपनी सबसे खराब स्थिति से गुजर रही है।
हम्मती की नियुक्ति मोहम्मद रज़ा फ़र्ज़िन के इस्तीफे के बाद हुई है। फ़र्ज़िन ने पिछले रविवार को तब पद छोड़ दिया जब देश में मुद्रा की गिरती कीमतों को लेकर पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े और उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। आंकड़ों की दृष्टि से देखें तो ईरान की अर्थव्यवस्था में गिरावट की स्थिति भयावह है। वर्ष 2022 में जब फ़र्ज़िन ने पदभार ग्रहण किया था, तब एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 4,30,000 रियाल थी। आज वही दर रिकॉर्ड स्तर पर गिरकर 13.8 लाख रियाल तक पहुंच गई है।
इस भारी अवमूल्यन ने देश में महंगाई को चरम पर पहुँचा दिया है। वर्तमान में ईरान लगभग 40 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर का सामना कर रहा है, जिसने आम जनता की कमर तोड़ दी है। इस आर्थिक दबाव के विरोध में तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों के व्यापारियों और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया।
सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी के अनुसार, नए गवर्नर अब्दुलनासिर हम्मती के सामने चुनौतियों का पहाड़ है। उनके प्राथमिक लक्ष्यों में बेकाबू मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना, रियाल की कीमत को स्थिर करना और बैंकिंग क्षेत्र में व्याप्त पुराने कुप्रबंधन को सुधारना शामिल है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान के लिए ये लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। घरेलू राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक दबाव के बीच हम्मती की यह नई पारी ईरान के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक मानी जा रही है।