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ओएनजीसी के गैस रिसाव से छह सौ लोग हटाये गये

आंध्रप्रदेश के कोणसीमा के इलाके में पूर्ण सतर्कता के आदेश

  • मोरी 5 के कुएं पर आग लग गयी है

  • विस्फोट से कच्चा तेल और गैस निकला

  • पास के स्कूलों में अवकाश घोषित किया

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोणसीमा जिले में सोमवार सुबह ओएनजीसी के मोरी-5 कुएं पर हुए एक भीषण गैस रिसाव और उसके बाद लगी आग ने पूरे गोदावरी डेल्टा क्षेत्र में भारी दहशत पैदा कर दी। यह दुर्घटना उस समय हुई जब ओएनजीसी के प्रोडक्शन एन्हांसमेंट कॉन्ट्रैक्टर दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा कुएं की मरम्मत और ड्रिलिंग का काम किया जा रहा था।

तकनीकी खराबी के कारण अचानक हुए इस ब्लोआउट से कच्चे तेल और भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस का अनियंत्रित रिसाव शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरू में यह रिसाव घने कोहरे जैसा लग रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में गैस ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते 25 मीटर व्यास और 20 मीटर ऊंचाई तक आग की लपटें उठने लगीं।

इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर महेश कुमार रविराला और पुलिस अधीक्षक राहुल मीणा ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित क्षेत्र के चार किलोमीटर के दायरे में आने वाले तीन प्रमुख गांवों—इरुसुमंडा, गुडापल्ली और लक्कमवरम—से लगभग 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया। एहतियात के तौर पर स्थानीय स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई और ग्रामीणों को सुरक्षित पुनर्वास केंद्रों व चर्चों में ठहराया गया, जहां उनके लिए भोजन और बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 10 से अधिक गाड़ियां तैनात की गईं, जो घटनास्थल से 200 मीटर दूर स्थित एक सिंचाई नहर से पानी लेकर लपटों को ठंडा करने का प्रयास कर रही हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि आग को पास के धान के खेतों और नारियल के बागानों में फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस पूरी घटना की समीक्षा की और मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि किसी भी ग्रामीण को विस्थापित होने में असुविधा न हो।

ओएनजीसी ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुष्टि की है कि यह कुआं आबादी वाले क्षेत्र से करीब 500-600 मीटर दूर एक दुर्गम स्थान पर स्थित है, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। फिलहाल क्राइसिस मैनेजमेंट टीम मौके पर मौजूद है और कुएं को सील करने की तैयारी चल रही है। राहत की बात यह है कि इस भीषण अग्निकांड में अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन इलाके में धुएं का घना गुबार और तनाव अभी भी बना हुआ है।